Har Ghar Tiranga Poem In Hindi | हर घर तिरंगा पर कविताएँ

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दोस्तो, आज हमने आपके लिए har ghar tiranga poem in hindi का एक खूबसूरत लेख लिखा है, जिसमे बहुतसी हर घर तिरंगा पर कविताएँ लिखी गयी है, जो आपको बहुत पसंद आनेवाली है, आप जब अपने घर मे तिरंगा लाहराओगे तो ये कविताओ से आप सबका मन आकर्षित कर सकते है।


आप सबको पता ही है कि, इस अगस्त महीने में हमारा स्वतंत्रता दिवस भी है, लेकिन आजसे ही हमारे देश मे हर घर तिरंगा का अभियान शुरू हो चुका है, और हर घर मे तिरंगा लहराया भी है, तो आप भी अपने घर तिरंगा जरूर लाहराओगे ना और देशभक्ति पर गीत भी जरूर गाना है।


हर घर मे आज तिरंगा लहरा रहा है, और हमारा देश सभी को एकता का संदेश दे रहा है, इसीलिए इसपर हर घर तिरंगा पर कविता तो बनती ही है, तो आओ गेट है इस कविताओं को अपने ही धुन में, और देश को हम सब सलाम करते है।


Har Ghar Tiranga Poem In Hindi | हर घर तिरंगा पर कविताएँ


Har Ghar Tiranga Poem In Hindi | हर घर तिरंगा पर कविताएँ
Har ghar tiranga poem in hindi pic

Table of content


  1. Har ghar tiranga poem hindi
  2. Ghar ghar tiranga poem in hindi
  3. Tiranga par kavita in hindi
  4. Har ghar tiranga poetry in hindi


Har ghar tiranga poem hindi


आज हमने ठान लिया है,

हर घर तिरंगा लहरायेंगे।


स्कूल हो या कॉलेज हो,

वहा जाकर हम सबको बताएंगे।


सबको इसका मतलब समझायेंगे,

हर घर तिरंगा लहरायेंगे।


जान बसती है सबकी तिरंगे में,

ये हम सबको बताएंगे।


देश के विरों को याद करके,

उन्हे सलाम हम करेंगे।


ये देश का तिरंगा है,

इसे हर घर में हम लगाएंगे।


हर भारत के देश वासियों को,

हम भारत है ये बताएंगे।


देश पर कोई आँच आए तो,

हम देश के लिए लड़ेंगे।


जरुरत पढ़ने पर हम देशवासी,

सामने आकर सिना तान के हम देश के लिए मर जाएंगे।


आज हमने ठान लिया है,

हर घर तिरंगा लहरायेंगे।



हर घर तिरंगा लहरायेंगे कविता


Aaj humne thhan liya hai,

Har ghar tiranga lahrayenge..!


School ho ya collage ho,

Waha jakar hum sabko batayenge..!


Sabko iska matlab samjhayenge,

Har ghar tiranga lehrayenge..!


Jaan basti hai sabki tirange me,

Ye hum sabko batayenge..!


Desh ke viron ko yaad karke,

Unhe salam hum karenge..!


Ye desh ka tiranga hai,

Ise har ghar me hum lagayenge..!


Har bharat ke desh vasiyon ko,

Hum bharat hai ye batayenge..!


Desh par koi aanch aaye to,

Hum desh ke liye ladh jayenge..!


Jarurat padne par hum deshwasi,

Samne aakar sina taan ke hum desh ke liye mar jayenge..!


Aaj humne thhan liya hai,

Har ghar tiranga lahrayenge..!



Ghar ghar tiranga poem in hindi


हर घर हर घर,

तिरंगा है हर घर।


बड़ा हो या छोटा हो घर,

तिरंगा लहराएगा हर घर।


गांव हो या कोई मैदान,

तिरंगा लहरेगा हर डाल डाल।


हर घर तिरंगा है एक अभियान,

इसे निभाना है अपना काम।


तिरंगा है अपने देश की शान,

इसके लिए हम खड़े रहेंगे अपना सिना तान।


मर भी जाए इसके लिए,

मेरे लिए तो है ये एक सम्मान।


तिरंगा है मेरे दिल की जान,

इसे कोई हाथ लगाये तो आजाएगा तूफ़ान।


देश के लिए हम देंगे जान,

तिरंगा ही है हमारी आन बन और शान।


हर घर हर घर,

तिरंगा है हर घर।


सुनो देश वासियो भारत के,

तुम्हें लगाना है तिरंगा हर घर।



तिरंगा है हर घर कविता


Har ghar har ghar,

Tiranga hai har ghar..!


Bda ho ya chhota ho ghar,

Tiranga lehrayenga har ghar..!


Gaon ho ya koi maidan,

Tiranga lehrayenga har daal daal..!


Har ghar tiranga hai ek abhiyan,

Ise nibhana hai apna kaam..!


Tiranga hai apne desh ki shan,

Iske liye hum khade rahenge apna sina taan..!


Mar bhi jaye iske liye to,

Mere liye to hai ye ek samman..!


Tiranga hai mere dil ki jaan,

Ise koi hath lagaye to aajayega tufaan..!


Desh ke liye hum denge jaan,

Tiranga hi hai hamari aan baan aur shan..!


Har ghar har ghar,

Tiranga hai har ghar..!


Suno desh wasiyo bharat ke,

Tumhe lagana hai tiranga har ghar..!



Tiranga par kavita in hindi


हमारा प्यारा है तिरंगा,

सबसे हटके है अपना तिरंगा।


जहां वहाँ लहराओ तिरंगा,

हर घर में फिरता है तिरंगा।


हिंदू, मुस्लिम, सिख, इसाई,

सब है हमारे भाई भाई।


सबके हाथ में है तिरंगा,

सबकी जान है तिरंगा।


हर बच्चे के हाथ में है तिरंगा,

सबकी जान है तिरंगा।


आओ सब घर घर लगाये तिरंगा,

सबसे ऊंचा लहरेगा अपना तिरंगा।


हमारा प्यारा है तिरंगा,

सबसे हटके है अपना तिरंगा।



हर घर प्यारा तिरंगा कविता


Hamara pyara hai tiranga,

Sabse hatke hai apna tiranga..!


Jaha waha lehrata hai tiranga,

Har ghar me fehrata hai tiranga..!


Hindu, muslim, sikh, isai,

Sab hai hamare bhai bhai..!


Sabke hathon me hai tiranga,

Sabki jaan hai tiranga..!


Har bachhe ke hathon me hai tiranga,

Sabki jaan hai tiranga..!


Aao sab ghar ghar lagaye tiranga,

Sabse ucha lehrayenga apna tiranga..!


Hamara pyara hai tiranga,

Sabse hatke hai apna tiranga..!



Har ghar tiranga poetry in hindi


हर घर तिरंगा लहरायेंगे,

देश का मान बढाएंगे।


आप भी आओ सब,

तिरंगा घर घर लाओ सब।


सबसे ऊंचाई पे तिरंगा लहराओ सब,

तिरंगे को देख देश भक्ति पर गीत गाओ सब।


याद करो उन जवानों को सब,

जो शाहिद हुए हैं हमारे वतन के लिए।


जोश दिल में अपने जगाओ अब,

देश के लिए कुछ कर दिखाओ सब।


अगर है अपनी मिट्टी से प्यार,

तो उस मिट्टी को माथे पर लगाओ सब।


आगे बढ़ते रहना है तुमको,

पिचे खड़ा है ये पुरा भारत वर्ष।


देश के लिए मर मिट जाएंगे,

खून अपना हम बहाएंगे।


हर घर तिरंगा लहरायेंगे,

देश का मान बढ़ाएंगे।



हर घर तिरंगा लहरायेंगे पर कविता


Har ghar tiranga lehrayenge,

Desh ka maan badhayenge..!


Aap bhi aao sab,

Tiranga ghar ghar lao sab..!


Sabse uchai pe tiranga lehrao sab,

Tirange ko dekh desh bhakti par geet gao sab..!


Yaad karo un jawanon ko sab,

Jo shahid huye hai hamare watan ke liye..!


Josh dil me apne jagao ab,

Desh ke liye kuch kar dikhao sab..!


Agar hai apni mitti se pyar,

To us mitti ko mathe par lagao sab..!


Aage badhte rahna hai tumko,

Pichhe khada hai ye pura bharat varsh..!


Desh ke liye mar mit jayenge,

Khoon apna hum bahayenge..!


Har ghar tiranga lehrayenge,

Desh ka maan badhayenge..!



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कुछ आखरी शब्द :


आज लिखी हुई  har ghar tiranga poem in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर हमारे इस हर घर तिरंगा बेहतरीन कविता से कुछ सीखने को मिला होगा, आपको किसी की तारीफ करनी हो तो आज बहन की करे, क्योंकि बहन हमारी माँ ही होती है।


आशा करता हु की हमारी kavita on har ghar tiranga in hindi आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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