Love Poem For Husband In Hindi | पति के लिए प्यार भरी कविता

आज हमने love poem for husband in hindi की खूबसूरत कविताएँ लिखी है, इन कविताओं को आप अपने पति को सुनाकर उन्हें खुश कर सकती है, जब आपके पति आपसे नाराज़

दोस्तो, आज हमने love poem for husband in hindi की खूबसूरत कविताएँ लिखी है, इन कविताओं को आप अपने पति को सुनाकर उन्हें खुश कर सकती है, जब आपके पति आपसे नाराज़ हो और कुछ उनका रोमांटिक मूड बनाना हो तो बस हमारे लेख में लिखी इन खूबसूरत कविता को सुना दीजिए, उनका मूड बल्ले बल्ले हो जाएगा।


जब एक लड़का और लड़की की शादी होती है, तब वो पति पत्नी बन जाते है, और दोनों पर अलग अलग जिम्मेदारियां आती है, ऐसेमें दोनो को जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है, लेकिन कभी कभी दोनो में से किसी एक का मूड थोड़ा खराब होता है, जैसे कि हम आज पति के लिए कविता लिखे है, तो हम समझेंगे की पति का अगर मूड खराब होता है, तो इन कविताओं से पत्नी अपने पति को प्रसन्न कर सकती है।


कभी कभी पति पत्नी में रोमांस तो होना ही चाहिए, क्योंकि आजकल दोनो को रोमांस करने का मौका ही नही मिलता, जिम्मेदारी जो बढ़ जाती है, लेकिन आप दोनों कही घूमने जाओ तो पत्नियों को सलाह है, की मेरी यह पति के लिए प्यार भरी कविता जरूर आपके पति को सुनाना, क्योंकि आपके जीवन मे हमारी लिखी हुई कविताओं से थोड़ा प्यार भर जाए तो क्या बात होगी, और ये लेख पूरा पढ़िए।


Love Poem For Husband In Hindi | पति के लिए प्यार भरी हिंदी कविता


Love Poem For Husband In Hindi | पति के लिए प्यार भरी कविता
Love Poem For Husband in hindi images

Table of content


  1. Best love poem for husband in hindi
  2. ओ पति जी ओ पति जी कविता
  3. पति पर हिंदी कविता
  4. पास आओ ना हमारे कविता
  5. Poem on husband in hindi
  6. नाराज जब भी हो हमसे हसबैंड पर कविता
  7. पति के लिए प्यार भरी कविता
  8. Aao na ji paas hamare kavita poetry
  9. मेरे जीवनसाथी के लिए कविता
  10. आप ही हो मेरे जीवनसाथी पर कविता



Best love poem for husband in hindi


ओ पतीजी ओ पतीजी,

क्यों तुम हमसे रूठ जाते हो।


नही बताते तुम हमको कुछ भी,

मुह फेर के बैठ जाते हो।


बातें भी नही करते हो तुम,

क्यों इतना मुझे तुम सताते हो।


करती हूं मैं तुमसे ही प्यार, 

क्यों मुझे तुम इतना तड़पाते हो।


खाना भी नही खाते हो बराबर,

जल्दी ही क्यों सो जाते हो।


ओ पतीजी ओ पतीजी,

क्यों तुम हमसे रूठ जाते हो।


कुछ गलती हुई हो हमसे तो,

क्यों नही आप मुझे बताते हो।


हु आपकी प्यारी सी पत्नी मैं,

क्यों नही मुझे समझाते हो।


बेवजह हमसे बात ना करके,

क्यों तुम हमे बहुत रुलाते हो।


इतने भी गुस्सा हो क्या हमपे,

पास भी नही तुम बुलाते हो।


ओ पतीजी ओ पतीजी,

क्यों तुम हमसे रूठ जाते हो।



पति जी ओ पति जी कविता


O patiji o patiji, 

Kyon tum humse rooth jate ho..!


Nahi batate tum hum ko kuchh bhi, 

Muh pher ke baith jaate ho..!


Batein bhi nahi karte ho tum, 

Kyon itna mujhe tum satate ho..!


Karti hoon main tumse hi pyaar, 

Kyon mujhe tum itna tadpate ho..!


Khana bhi nahi khate ho barabar, 

Jaldi hi kyon so jaate ho..!


O patiji o patiji, 

Kyon tum humse rooth jate ho..!

 

Kuch galti hui ho humse to, 

Kyon nahi aap mujhe batate ho..!


Hu aap ki pyari si patni main, 

Kyun nahin mujhe samjhaate ho..!


Bewajah humse baat na karke, 

Kyon tum hume bahut rulate ho..!


Itne bhi gussa ho kya hum pe, 

Paas bhi nahi tum bulate ho..! 


O patiji o patiji, 

Kyon tum humse rooth jate ho..!



पति पर हिंदी कविता


पास आओ ना हमारे,

कुछ बताना है तुम्हे..!


नज़रों से नज़रें मिलाओ ना हमसे,

कुछ बताना है तुम्हे..!


प्यार में कैसे घुल जाये आपके हम,

ये पूछना है तुम्हे..!


आप के साथ ज़िन्दगी कैसे बिताए,

ये जरूर जानना है हमे..!



कुछ वादे करने होते है क्या प्यार में,

ये पूछना था तुम्हे..!


जरुरी तो नहीं ये सब पूछना,

फिर भी एक बार पूछना था हमे..!


ज़िन्दगी में आप खुश तो है हमसे,

ये कभी नहीं बताया आपने मुझे..!


कुछ लोगों से पता चलती है बातें,

ये आप से पूछना था मुझे..!



आप कहोगे शक करने लगी हो तुम मुझ पे,

ऐसा कहने का क्या फायदा है मुझे..!


आप के साथ जीना है मुझे,

आप के साथ ही मरना है मुझे..!


तो क्यों बहस करना आप से,

क्यूंकि आप के साथ ही जीना और मरना है मुझे..!


पास आओ न हमारे,

कुछ बताना है तुम्हे..!


नज़रों से नज़रें मिलाओ ना हमसे,

कुछ बताना है तुम्हे..!



पास आओ ना हमारे कविता


Paas aao na hamare,

Kuch batana hai tumhe..!


Nazron se nazre milao na humse,

Kuch batana hai tumhe..!


Pyar me kaise ghul jaye aapke hum,

Ye puchna hai tumhe..!


Aap ke sath zindagi kaise bitaye,

Ye jarur janna hai hume..!



Kuch wade karne hote hai kya pyar me,

Ye puchna tha tumhe..!


Jaruri to nahi ye sab puchna,

Phir bhi ek baar puchna tha hume..!


Zindagi me aap khush to hai humse,

Ye kabhi nahi bataya aapne mujhe..!


Kuch logon se pata chalti hai batein,

Ye aap se puchna tha mujhe..!


Aap kahoge shak karne lagi ho tum mujh pe,

Aisa kehne ka kya fayda hai mujhe..!


Aap ke sath jina hai mujhe,

Aap ke sath hi marna hai mujhe..!


To kyu bahas karna aap se,

Kyunki aap ke sath hi jina aur marna hai mujhe..!


Paas aao na hamare,

Kuch batana hai tumhe..!


Nazron se nazre milao na humse,

Kuch batana hai tumhe..!



Poem on husband in hindi


नाराज़ जब भी हो हमसे,

तो बताया भी करो हमें..!



ये कोई इत्तेफाक नहीं है,

आप सच में नाराज़ हुआ करते हो..!


खाने में मसाला तो कम नहीं हुआ,

जो इतना गुस्सा करते हो..!


मसाले कम भी क्यों न हो जाये,

फिर भी मेरे हाथ का बनाया खाना तुम खाते हो..!


सब पता है मुझे,

की आप हमसे शरारत करते हो..!


कभी समझ में आती है आप की शरारत,

तो कभी कुछ भी पता नहीं चलने देते हो.!


आप तो हमारी पूरी बैंक हो,

कितना पैसा हम पर तुम उड़ाते हो..!


कभी शॉपिंग करवाने ले जाते हो,

तो कभी चाट हमे खिलाते हो..!


पता नहीं फिर नाराज़ हमसे क्यों रहते हो,

कितना भी पूछे हम तुमसे फिर भी क्या हुआ ये नहीं बताते हो..!


आओ एक झप्पी तो दे जाओ,

इतना क्यों अपनी ही बीवी से तुम डरते हो..!



नाराज जब भी हो हमसे हसबैंड पर कविता


Naraz jab bhi ho humse,

To bataya bhi karo hume..!


Ye koi ittefaq nahi hai,

Aap sach me naraz hua karte ho..!


Khane me masala to kam nahi hua,

Jo itna gussa karte ho..!


Masale kam bhi kyu na ho jaye,

Phir bhi mere hath ka banaya khana tum khate ho..!


Sab pata hai mujhe,

Ki aap humse shararat karte ho..!


Kabhi samajh me aati hai aap ki shararat,

To kabhi kuch bhi pata nahi chalne dete ho.!


Aap to hamari puri bank ho,

Kitna paisa hum par tum udaate ho..!


Kabhi shopping karwane le jate ho,

To kabhi chat hume khilate ho..!


Pata nahi phir naraz humse kyu rehte ho,

Kitna bhi puche hum tumse phir bhi kya hua ye nahi batate ho..!


Aao ek zappi to de jao,

Itna kyu apni hi biwi se tum darte ho..!



पति के लिए प्यार भरी कविता


आओ न जी पास हमारे,

इतना क्यों शर्माते हो..!


बाँहों में अपनी भरलो हमें,

दूर क्यों इतना मुझसे तुम जाते हो..!


शर्माना तो हमे होता है,

आप क्यों इतना शरमाते हो..!


खूबसूरत सी बीवी हु मै आपकी,

क्यों इतना तुम मुझे सताते हो..!


बाँहों में हमें भर कर तो देखो,

थोड़ी प्यार भरी बातें कर के तो देखो..!


आँखों में आँखें डाल कर तो देखो,

मुझे थोड़ा प्यार करके तो देखो..!


मेरे हुस्न की तारीफ करके तो देखो,

बालों को सहला कर देखो..!


कुछ कुछ तो आपको होता है,

फिर भी नहीं बताते हो..!


आओ न जी पास हमारे,

इतना क्यों शर्माते हो..!



Aao na ji paas hamare kavita poetry


Aao na ji paas hamare,

Itna kyu sharmate ho..!


Bahon me apni bharlo hume,

Dur kyu itna mujhse tum jate ho..!


Sharmana to hume hota hai,

Aap kyu itna sharmate ho..!


Khubsurat si biwi hu mai apki,

Kyu itna tum mujhe satate ho..!


Bahon me hume bhar kar to dekho,

Thodi pyar bhari batein kar ke to dekho..!


Ankhon me ankhein dal kar to dekho,

Mujhe thoda pyar karke to dekho..!


Mere husn ki tarif karke to dekho,

Balon ko sehla kar dekho..!


Kuch kuch to aapko hota hai,

Phir bhi nahi batate ho..!


Aao na ji paas hamare,

Itna kyu sharmate ho..!



मेरे जीवनसाथी के लिए कविता


आप ही हो मेरे जीवन साथी,

आप ही मेरे सब कुछ हो..!


थोड़े कंजूस हो फिर भी,

आप मेरे जीवन साथी हो..!


थोड़े गुस्सैल से हो फिर भी,

खुप सुंदर तुम दिखते हो..!


जब गुस्सा आये तुमको तो,

घर में शोर मचाते हो..!


मैं रूठ जाऊ कभी तो,

मनाने मुझको फिर आते हो..!


खुद खाना बना कर तुम,

मुझको प्यार से खिलाते हो..!


ऐसा लगता है मुझको फिर,

रोज मैं ऐसे ही रूठ जाऊ तो..!


लेकिन फिर सोचती हु मै भी,

अगर एक दिन पकड़ में मैं आऊ तो..!


नाराज़ हो जायेंगे पति देव हमारे,

थोड़ी शरारत मैंने करली तो..!


प्यार करती हूँ आप से मैं इतना,

वक़्त क्यों लगाते हो आय लव यू मुझे तुम बोलने को..!


आप ही हो मेरे जीवन साथी,

आप ही मेरे सब कुछ हो..!


थोड़े कंजूस हो फिर भी,

आप मेरे जीवन साथी हो..!



आप ही हो मेरे जीवनसाथी पर कविता


Aap hi ho mere jivan sathi,

Aap hi mere sab kuch ho..!


Thode kanjus ho phir bhi,

Aap mere jivan sathi ho..!


Thode gussel se ho phir bhi,

Khup sundar tum dikhte ho..!


Jab gussa aaye tumko to,

Ghar me shor machate ho..!


Mai ruthh jau kabhi to,

Manane mujhko phir aate ho..!


Khud khana bana kar tum,

Mujhko pyar se khilate ho..!


Aisa lagta hai mujhko phir,

Roj mai aise hi ruth jau to..!


Lekin phir sochti hu mai bhi,

Agar ek din pakad me mai aau to..!


Naraz ho jayenge pati dev hamare,

Thodi shararat maine karli to..!


Pyar karti hu aap se mai itna,

Waqt kyu lagate ho i love you mujhe tum bolne ko..!


Aap hi ho mere jivan sathi,

Aap hi mere sab kuch ho..!


Thode kajus ho phir bhi,

Aap mere jivan sathi ho..!



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कुछ आखरी शब्द :


आज लिखी हुई love poem for husband in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर हमारे इस पति के लिए प्यार भरी कविता से कुछ सीखने को मिला होगा, की आप दोनों एक दूजे को प्यार हमेशा देते रहना चाहिए, जिससे आप दोनों पति पत्नी का प्यार हमेशा बना रहे।


आशा करता हु की हमारी पति पर हिंदी कविताएँ आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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