Clouds Poem In Hindi | बादल पर बेहतरीन कविताएँ

clouds poem in hindi का बेहतरीन लेख लिखा है, जिसमे हमने बादलों पर खूबसूरत कविताएँ लिखी है, जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आनेवाली है, badal par kavita hindi

दोस्तों, आज हमने आपके लिए clouds poem in hindi का बेहतरीन लेख लिखा है, जिसमे हमने बादलों पर खूबसूरत कविताएँ लिखी है, जो आपको बहुत ज्यादा पसंद आनेवाली है, बारिश की इस मौसम में आपको इस कविता को गुनगुनाने में बहुत मज़ा आ सकता है।


आपको सबको पता है कि जब भी बारिश का मौसम आता है तब सबसे ज्यादा खुशी किसानों को होती है, और इस मौसम का अंदाजा हम आसमान में छाए काले बादलों के आने पर लगाते है, जैसे ही आसमान में काले बादल छा जाते है, तब समझ जाना कि बारिश तो आज पक्का आनेवाली है।


आज हमने बादल पर कविता का लेख इस बारिश के मौसम को देखते हुए ही लिखा है, जिससे आप इस साल के बारिश का मज़ा इन कविताओं को गुनगुनाते हुए ले सके, इससे आपको भी मज़ा आएगा और हमे भी और इस लेख को पूरा जरूर पढियेगा।


Clouds Poem In Hindi | बादल पर बेहतरीन कविताएँ


Clouds Poem In Hindi | बादल पर बेहतरीन कविताएँ
Clouds poem in hindi pic

Table of content


  1. Poem on clouds in hindi
  2. Short clouds poem in hindi
  3. Clouds par poem in hindi
  4. बादल पर छोटी कविता


Poem on clouds in hindi


आज मुझे ऐसा लग रहा है,

आज मै एक चिड़िया बन जाऊ तो,

अपने सारे पंख फैला कर बादलों में मैं कही छुप जाओ तो।


काले बादलों में छुप कर मैं,

ऊपर से नीचे चुपके से देख पाऊँ तो,

कोई अगर निचे दोस्त हो मेरा,

तो उसपर बिन बारिश पानी बरसाऊ तो।


हवा के संग जैसे बादल चलते है,

मैं भी उनके साथ उड़ पाऊँ तो,

काले बादल जैसे है गरजते,

वैसे ही मै गरज पाऊँ तो।


जहाँ हो पानी की सबसे ज्यादा किल्लत,

वहाँ पानी सबसे पहले बरसाऊ तो,

बादल को एक जगह से दूसरी जगह,

अगर मै ले जाऊ तो।


बादलों से आवाज़ देकर पंछियों को,

मैं उन्हें अपना दोस्त बनाऊ तो,

बादलों से ऊपर उड़कर हम सब,

आकाश नीला देख पाऊँ तो।


आज मुझे ऐसा लग रहा है,

आज मै एक चिड़िया बन जाऊ तो,

अपने सारे पंख फैला कर बादलों में मैं कही छुप जाओ तो।



बादलों पर हिंदी कविता


Aaj mujhe aisa lag raha hai,

Aaj mai ek chidiya ban jau to,

Apne sare pankh faila kar badlon me mai kahi chhup jau to..!


Kale badalon mein chhup kar mai,

Upar se niche chupke se dekh pau to,

Koi agar niche dost ho mera,

To uspar bin barish barish ka pani barsau to..!


Hawa ke sang jaise badal chalte hai,

Mai bhi unke sath udd pau to,

Kale badal jaise hai garjte,

Vaise hi mai garaj pau to..!


Jahan ho pani ki sabse jyada killat,

Wahi pani sabse pahle barsau to,

Badal ko ek jagah se dusri jagah,

Agar mai le jau to..!


Badlon se awaz dekar panchhiyon ko,

Mai unhe apne dost banau to,

Badlon se upar udkar hum sab,

Aakash nila dekh pau to..!


Aaj mujhe aisa lag raha hai,

Aaj mai ek chidiya ban jau to,

Apne sare pankh faila kar badlon me mai kahi chhup jau to..!



Short clouds poem in hindi


ऊपर आकाश में देखो तुम सारे,

कैसे दीखते है ये काले बादल सारे।


जिस तरफ हवा चल रही है,

बादल भी हवा के संग उड़ रहे है।


जाने कहा से आते है ये बादल,

इतना पानी कहाँ से ले आते है ये बादल।


थोड़ा थोड़ा करके ये सब बादल,

आकाश को पूरा ढक लेते है ये बादल।


पास क्यों नहीं आते है ये बादल,

ऊपर से ही बारिश बरसते है ये बादल।


शायद बिजली से डरते होंगे ये बादल,

लेकिन हमसे प्यार करते है ये बादल।


पानी धरती को देते है ये बादल,

हमें जीवन देते है ये बादल।


पानी ही जीवन है ये सिखाते है बादल,

पानी को जाया ना होने दे ये सिखाता है ये बादल।


ऊपर आकाश में देखो तुम सारे,

कैसे दीखते है ये काले बादल सारे।



काले बादल कविता


Upar akash me dekho tum sare,

Kaise dikhte hai ye kale badal sare..!


Jis taraf hawa chal rahi hai,

Badal bhi hawa ke sang udd rahe hai..!


Jane kaha se aate hai ye badal,

Itna pani kahase le aate hai ye badal..!


Thoda thoda karke ye sab badal,

Aakash ko pura dhak lete hai ye badal..!


Paas kyu nahi aate hai ye badal,

Upar se hi barish barsate hai ye badal..!


Shayad bijli se darte honge ye badal,

Lekin humse pyar karte hai ye badal..!


Pani dharti ko dete hai ye badal,

Hume jiwan dete hai ye badal..!


Pani hi jiwan hai ye sikhate hai badal,

Pani ko jaya naa hone de ye sikhata hai ye badal..!


Upar akash me dekho tum sare,

Kaise dikhte hai ye kale badal sare..!



Clouds par poem in hindi


आये बादल आकाश में,

छाये बादल आकाश में।


निकलो तुम अपने घर से बाहर,

देखो छाये काले बादल आकाश में।


ठंडी हवाएं चलने लगी है,

पेड़ ख़ुशी से नाच रहे है।


पंछी गाना गा रहे है,

ऊपर नीचे उड़ रहे है।


सूरज चाचू छुप गए है,

बादलों की चादर ओढ़ लिए है।


गरजने लगे है बादल अब तो,

बिजली भी जोरों से कड़कड़ा रही है।


पानी तो आज आनेवाला है भाई,

चुप चाप घर में अपने छुप जा मेरे भाई।


आये बादल आकाश में,

छाये बादल आकाश में।



छाये बादल आकाश में कविता


Aaye badal akash me,

Chhaye badal akash me..!


Niklo tum apne ghar se bahar,

Dekho chhaye kale badal aakash me..!


Thandi hawayen chalne lagi hai,

Ped khushi se nach rahe hai..!


Panchhi gaana ga rahe hai,

Upar niche udd rahe hai..!


Suraj chachu chhup gaye hai,

Badlon ki chadar ondh liye hai..!


Garajne lage hai badal ab to,

Bijli bhi joro se kadkada rahi hai..!


Pani to aaj anewala hai bhai,

Chup chap ghar me apne chhup ja mere bhai..!


Aaye badal akash me,

Chhaye badal akash me..!



बादल पर छोटी कविता


कितने घने बादल है छाये,

देखो ऊपर आसमान में,

नीला आसमान ढक गया है,

इन काले बादलों की आड़ में।


सूरज चाचू नहीं दिख रहे,

इस घने बादलों में,

लगता है बारिश आज आएगी,

मत जाओ तुम घुमने बाजार में।


कितना पानी समाया होगा,

इन बादलों के पेट में,

हम भी आज देख लेंगे यारों,

तुम बरस जाओ बस हम सबके खेत में।


खुश होकर तब गाना गाएंगे,

हम सब मिलकर खेत में,

अनाज तब पैदा करेगी ये धरती,

जब पानी होगा खेत में।


कितने घने बादल है छाये,

देखो ऊपर आसमान में,

नीला आसमान ढक गया है,

इन काले बादलों की आड़ में।



बादलों की आड़ में कविता


Kitne ghane badal hai chhaye,

Dekho upar aasman me,

Nila aasman dhak gaya hai,

In kale badlon ki aad me..!


Suraj chachu nahi dikh rahe,

Iss ghane badlon me,

Lagta hai barish aaj aayegi,

Mat jao tum ghumne bazar me..!


Kitna pani samaya honga,

In badlon ke pet me,

Hum bhi aaj dekh lenge Yaron,

Tum baras jao bas hum sabke khet me..!


Khush hokar tab gana gayenge,

Hum sab milkar khet me,

Anaj tab paida karegi ye dharti,

Jab pani hoga khet me..!


Kitne ghane badal hai chhaye,

Dekho upar aasman me,

Nila aasman dhak gaya hai,

In kale badlon ki aad me..!


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कुछ आखरी शब्द :


आज लिखी हुई  clouds poem in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर हमारे इस बादलों पर बेहतरीन कविता से कुछ सीखने को मिला होगा, आपको किसी की तारीफ करनी हो तो फूलों की करे, क्योंकि फूल हमेशा ही सुंदर थे और रहेंगे।


आशा करता हु की हमारी kavita on clouds in hindi आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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