Love Poem For Wife In Hindi | मेरी प्यारी पत्नी पर कविताएँ

आज हमने love poem for wife in hindi लिखी है, जो आपको बहुत पसंद आने वाली है, जिससे आप अपनी प्यारी पत्नी को कविता सुनाकर उन्हें खुश कर सकते हो wife poem

दोस्तो, आज हमने love poem for wife in hindi लिखी है, जो आपको बहुत पसंद आने वाली है, जिससे आप अपनी प्यारी पत्नी को कविता सुनाकर उन्हें खुश कर सकते हो, जिससे आपका प्यार हमेशा बना रहे, और आप दोनों पति-पत्नी हमेशा खुश रहे।


आज हमने ये पत्नी पर कविता जो लिखी है, इसका मतलब ये नही है कि, हमारी कविता सुन ली तभी आपका प्यार बढ़ जाएगा, लेकिन हमने थोड़ी कोशिश की है कि, हम अपने कविता से अगर किसी को हँसा सके तो इसमे क्या हर्ज है, और आज हम यही सोच कर ये कविताएँ लिखी है।


आपको तो पता ही है कि, पत्नी जो होती है, वो दिनभर हमारा और घर का बड़ा ही खयाल रखती है, सुख हो या दुख हमारे साथ हमेशा खड़ी रहती है, हर बड़े मुश्किलों में भी वो हमारे साथ रहती है, वो तो हमेशा ही हमे खुश रखती है, तो हम क्या उन्हें एक मेरी प्यारी पत्नी कविता नही सुना सकते, ये तो हमारा फर्ज है कि, हम उन्हें हमेशा खुश रखे।


Love Poem For Wife In Hindi | मेरी प्यारी पत्नी पर कविता


Love Poem For Wife In Hindi | मेरी प्यारी पत्नी पर कविताएँ
Love poem for wife in hindi images

Table of content


  1. Best love poem for wife in hindi
  2. मेरी बीवी है लाजवाब कविता
  3. पत्नी/बीवी पर हिंदी कविता
  4. Dulhan ban kar tum ghar jab aayi poem
  5. Poem on wife in hindi
  6. बीवी हो तुम मेरी कविता इन हिंदी
  7. मेरी पत्नी कविता
  8. Meri patni kavita
  9. वाइफ के लिए कविता
  10. Ardhangini ho tum meri wife poem in hindi



Best love poem for wife in hindi


आये है बाहर घूमने हम आज,

प्यार मोहब्बत की बाते करेंगे हम आज।


मेरी बीवी है लाजवाब,

खाती है आलू टिक्की और कबाब।


मना करो तो देती है जवाब,

तुम्हे क्या करना है मैं खाऊँगी टिक्की या कबाब।


प्यार मोहब्बत की बाते नही हुई आज,

इसको ठूसना था सिर्फ टिक्की और कबाब।


नही सुनेंगी ये मेरी बात,

खाती रहेंगी सिर्फ टिक्की और कबाब।


जब घर जाएंगे खाने के बाद,

तब आयेगा बीवी के गुस्से का सैलाब।


क्यों खाते वक़्त टोक रहे थे,

मुझको खाने से क्यों रोक रहे थे।


करना पड़ेगा बीवी का गुस्सा बरदाश्त,

बिल्कुल भी नही करना है काउंटर अटैक।


धीरे से जाना है बीवी के पास,

प्यार से ही मनाना है तुमको आज।


समझना है तो समझलो आज,

नही तो बोलोगे मैने नही बताई ये बात।


जब बाहर घूमने जाओगे तुम बीवी के साथ,

खाने दो टिक्की हो या कबाब।



मेरी बीवी है लाजवाब कविता


Aaye hai bahar ghumne hum aaj, 

Pyaar mohabbat ki baatein karenge hum aaj..!


Meri biwi hai lajawaab, 

Khati hai aloo tikki aur kabab..!


Mana karo to deti hai jawab, 

Tumhe kya karna hai main khaungi tikki ya kabab..!


Pyaar mohabbat ki baatein nahi huyi aaj, 

Isako thusna tha sirf tikki aur kabab..!


Nahi sunengi ye meri baat, 

Khati rahengi sirf tikki aur kabab..!


Jab ghar jayenge khane ke baad, 

Tab aayega biwi ke gusse ka sailaab..!



Kyon khaate waqt tok rahe the, 

Mujhko khaane se kyon rok rahe the..!


Karna padega biwi ka gussa bardasht, Bilkul bhi nahi karna hai counter attack..!


Dheere se jaana hai biwi ke paas, 

Pyaar se hi manana hai tum ko aaj..!


Samajhna hai to samajh lo aaj, 

Nahi to bologe maine nahi batai ye baat..!


Jab bahar ghumne jaoge tum biwi ke saath, 

Khane do tikki ho ya kabab..!



पत्नी/बीवी पर हिंदी कविता


दुल्हन बन कर तुम घर जब आयी,

घर मे ढेर सारी खुशियाँ तुम लायी।



मेरे घर मे साक्षात लक्ष्मी जी आयी,

खुशियों का सैलाब है लायी।


मैने एक सुंदर पत्नी है पाई,

माँ को एक अच्छी बहु मिल पाई।


तूमने पहली बार घर मे खाना जब बनाया,

उसका स्वाद लाजवाब मैने पाया।


तभी खाने की तारीफ कर पाया,

पहली मुस्कान तुम्हारी मैं देख पाया।


एक दिन जब मैं ऑफिस से आया,

मैने माँ को उस दिन बड़ा ही खुश पाया।


कितनी देखभाल करती हो तुम सब की,

उस दिन मैं ये समझ हु पाया।


नसीब मेरा तुम जैसी पत्नी मिल पाई,

सोचता हु क्या तुम मुझे अबतक समझ पाई।


दुल्हन बन कर तुम घर जब आयी,

घर मे ढेर सारी खुशियाँ तुम लायी।



Dulhan ban kar tum ghar jab aayi poem


Dulhan ban kar tum ghar jab aayi, 

Ghar me dher saaree khushiyaan tum layi..!



Mere ghar me sakshat laxmi ji aayi, 

Khushiyon ka sailaab hai laayi..!


Maine ek sundar patni hai payi, 

Maa ko ek achi bahu mil payi..!


Tumne pehli baar ghar me khana jab banaya, 

Uska swad lajawab maine paaya..!


Tabhi khane ki tareef kar paya, 

Pehli muskan tumhari mai dekh paya..!


Ek din jab main office se aaya, 

Maine maa ko us din bada hi khush paaya..! 


Kitni dekhbhal karti ho tum sab ki, 

Us din mai ye samajh hu paaya..!


Naseeb mera tum jaisi patni mil payi, Sochta hu kya tum mujhe ab tak samajh payi..!


Dulhan ban kar tum ghar jab aayi, 

Ghar me dher saaree khushiyaan tum layi..!



Poem on wife in hindi 


बीवी हो तुम मेरी, 

थोड़ा समझ भी लिया करो,



मेरे इश्क़ में,

मेरे लिए थोड़ा प्यार से गाना भी गाया करो।


शादी हुई है मेरी तुमसे,

थोड़ा प्यार भी जताया करो,

ऐसे चुप ना रहा करो,

हमसे प्यार की बातें भी किया करो।


थोड़ा मुस्कुराया करो,

थोड़ा मुझे रुलाया करो,

तुम मेरी बीवी हो,

मुझपर थोड़ा हक़ जताया करो।


थोड़ा शर्माया करो,

शर्माके कही छुप जाया करो,

मुझे छुप छुप के देख लिया करो,

थोड़ा शर्माके हस दिया करो।


थोड़ा पास भी आया करो,

ऐसे दूर दूर ना रहा करो,

मुझे गले से तो लगाया करो,

मुझे अपनी बाहों में तो भर लिया करो।


प्यार से अपनी हांथों से खाना खिलाया करो,

मेरे हांथों से भी खाना खाया करो,

एक ही गिलास में पानी पिया करो,

प्यार को थोड़ा थोड़ा करके बढ़ाया करो।


थोड़ा गुस्सा भी कर लिया करो,

लेकिन प्यार वाला गुस्सा कर लिया करो,

क्योंकि जान हो तुम मेरी,

प्यारी बीवी हो तुम मेरी।



बीवी हो तुम मेरी कविता इन हिंदी


Biwi ho tum meri, 

Thoda samajh bhi liya karo, 

Mere ishq mein, 

Mere liye thoda pyaar se gana bhi gaya karo..!


Shadi huyi hai meri tumse, 

Thoda pyaar bhi jataya karo, 

Aise chup na raha karo, 

Humse pyaar ki baatein bhi kiya karo..! 


Thoda muskuraya karo, 

Thoda mujhe rulaya karo, 

Tum meri biwi ho, 

Mujh par thoda haq jataya karo..!


Thoda sharmaaya karo, 

Sharmake kahi chhup jaaya karo, 

Mujhe chhup chhup ke dekh liya karo, Thoda sharma ke hass diya karo..!


Thoda paas bhi aaya karo, 

Aise dur dur na raha karo, 

Mujhe gale se to lagaaya karo, 

Mujhe apni bahon mein to bhar liya karo..!


Pyaar se apne hatho se khana khilaya karo, 

Mere haathon se bhi khana khaya karo, 

Ek hi gilaas mein pani piya karo, 

Pyaar ko thoda thoda karke badhaya karo..!


Thoda gussa bhi kar liya karo, 

Lekin pyar wala gussa kar liya karo, 

Kyon ki jaan ho tum meri, 

Pyari biwi ho tum meri..!



मेरी पत्नी कविता


मेरी पत्नी मुझे सुनाती,

एक नही दो बाते सुनाती।



गुस्सा होकर मुझपे चिल्लाती,

कुछ देर बाद वो चुप हो जाती।


घर मे जब सन्नाटा है छाता,

महसूस उसे वो झट से कर जाती।


कुछ देर वो मुझसे बात ना करती,

क्या बनाऊ खाने में धीरे से कहती।


लेकिन मैं भी चुपचाप ही रहता,

फिर मुझे मनाने आती।


मुझसे अपना प्यार जताती,

शोना बाबू कहकर मुझे मनाती।


लेकिन कभी सॉरी ना कहती,

अपनी फुल्ल अकड़ में ही रहती।


लेकिन वो मुझपर ही है मरती,

प्यार सबसे ज्यादा मुझसे ही है करती।


मेरी पत्नी मुझे सुनाती,

एक नही दो बाते सुनाती।



Meri patni kavita


Meri patni mujhe sunati, 

Ek nahi do baatein sunati..!


Gussa hokar mujhpe chillati, 

Kuch der baad wo chup ho jati..!


Ghar me jab sannata hai chhata, 

Mehsoos use wo jhat se kar jati..!


Kuch der wo mujhse baat na karti, 

Kya banau khane mein dheere se kehati..! 


Lekin main bhi chup chaap hi rehta, 

Phir mujhe manane aati..!


Mujh se apna pyar jatati, 

Shona babu kehkar mujhe manati..!


Lekin kabhi sorry na kehti, 

Apni full akad mein hi rehti..!


Lekin woh mujh par hi hai marti, 

Pyaar sabse jyada tujhse hi hai karti..!


Meri patni mujhe sunati, 

Ek nahi do baatein sunati..!



वाइफ के लिए कविता


अर्धांगिनी हो तुम मेरी,

तुम ही मेरी जीवन संगिनी हो।


सवेरे सवेरे मेरी कंबल ओढ़कर,

तुम्ही मुझे नींद से जगाती हो।


उठो जल्दी काम पर नही जाना क्या,

ये कहकर चिल्लाती हो।


तुम ही हो जो जल्दी उठकर,

मेरे लिए खाना बनाती हो।


अर्धांगिनी हो तुम मेरी,

तुम ही मेरी जीवन संगिनी हो।


मेरे घर मे ना रहते हुए भी,

अच्छेसे संभाल सब तुम लेती हो।


माँ का खयाल रखकर भी,

घर का सारा काम तुम संभाल लेती हो।


मेरे काम से आते ही,

दरवाजे पर जब तुम आती हो।


थोड़ा मुस्कुरा जब तुम देती हो,

मेरी दिनभर की थकान भूला देती हो।


रात का स्वादिष्ट खाना खिलाकर,

मुझे बहुत खुश तुम कर देती हो।


हर मुश्किलों में साथ जब तुम देती हो,

मेरी आँखें सच मे नम कर देती हो।


सोच रहा था घुमाने बाहर ले जाऊ तुझे,

पता नही तुम हाँ कहती हो या ना कहती हो।


अर्धांगिनी हो तुम मेरी,

तुम ही मेरी जीवन संगिनी हो।



Ardhangini ho tum meri wife poem in hindi


Ardhangini ho tum meri, 

Tum hi meri jeevan sangini ho..!


Savere savere meree kambal odh kar, Tum hi mujhe neend se jgati ho..!


Utho jaldi kaam par nahi jaana kya, 

Yeh keh kar chillati ho..! 


Tum hi ho jo jaldi uth kar, 

Mere liye khana banati ho..!


Ardhangini ho tum meri, 

Tum hi meri  jeevan sangini ho..!


Mere ghar me na rehte huye bhi, Achchhese sambhal sab tum leti ho..! 


Maa ka khayal rakh kar bhi, 

Ghar ka sara kaam tum sambhal leti ho..!


Mere kaam se aate hi, 

Darwaje par jab tum aati ho..!


Thoda muskura jab tum deti ho, 

Meri din bhar ki thakan bhula deti ho..!


Raat ka swadisht khana khilakar, 

Mujhe bahut khush tum kar deti ho..!


Har mushkilon mein saath jab tum deti ho, 

Meri aankhen sach me nam kar deti ho..!


Soch raha tha ghumane bahar le jau tujhe, 

Pata nahi tum haan kehti ho ya na kehti ho..! 


Ardhangini ho tum meri, 

Tum hi meri  jeevan sangini ho..!



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कुछ आखरी शब्द :


आज लिखी हुई love poem for wife in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर हमारे इस मेरी प्यारी पत्नी कविता से कुछ सीखने को मिला होगा, जो हर पति को सीखना और समझना चाहिए, जिससे आप दोनों पति पत्नी का प्यार हमेशा बना रहे।


आशा करता हु की हमारी बीवी पर हिंदी कविताएँ आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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