दोस्तों आज हम poem on nani in hindi की एक प्यारी सी नानी कविता लाये है। जो कि आपकी मेरी प्यारी नानी के ऊपर लिखी है। जैसे हम अपनी नानी के घर छुट्टियों मे जाते है और खूब मजे करते है।


क्या आप भी अपने नाना नानी के गाँव छुट्टियों मे जाते है ? अगर जाते हो तो आपको भी पता होगा कि नानी के घर कितना मजा आता है, छुटियां कब खत्म हो जाती है पता ही नही चलता , लेकिन अपने माँ को भूलियेगा नही, क्योंकि नानी के घर से वापिस भी आना है, और रोज वाली माँ की डांट भी खानी है, ये आपको माँ पर कविता पढ़ने के बाद ही पता चलेगा कि, माँ की डांट कैसे होती है, वो भी जरूर पढियेगा


नानी का वो रात को लोरिया सुनाना और लोरिया सुनते सुनते हमारा जल्दी से सो जाना सच मे दादी के लोरियों मे एक जादू होता था। हम दादी के घर जाए और मस्त मस्त पकवान न खाए ये तो हो नही सकता इसी याद मे हमने नानी पर कविताएँ लिखी है जोकि आपको बहुत पसंद आएगी।


मेरी प्यारी नानी पर कविताएँ | Poem On Nani In Hindi


मेरी प्यारी नानी पर कविताएँ | Poem On Nani In Hindi
nani poem in hindi me image

Poem on nani maa in hindi


मेरी नानी प्यारी नानी,

अच्छे अच्छे गीत सुनाती।


हमारे बीच मम्मी ना आती,

आयी तो फिर नानी की डांट है खाती।


प्यारा गाना अच्छा गाना,

नानी रोज सुनाती एक ही गाना।


सुनते सुनते बोर हुआ मै,

नानी का वो रोज का गाना।


परसो नानी ने खुद ही पूछा,

बोर हुआ क्या समीर बेटा।


मैने भी नानी को बोल दिया है,

नानी के गानों का पिटारा खोल दिया है।


नानी को रेडियो ला दिया है,

सबसे बढ़िया काम किया है।


नानी सुनती है अब बस गाना,

रेडियो देके अब मैने है जाना।


गाने को अब सुनती रहती है,

चैनल को चुनती रहती है।


ये देख मे भी चोंक जाता,

इस उम्र मे नया गाना नानी को लुभाता।


जोर जोर से नानी है गाती,

सबका दिल चुरा ले जाती।


मेरी नानी प्यारी नानी,

अच्छे अच्छे गीत सुनाती।



नानी माँ पर कविताएँ


Meri nani pyari nani,

Achche achche geet sunati..!


Hamare bich mummy na aati,

Aayi to phir nani ki daant hai khati..!


Pyara gana achha gana,

Nani roj sunati ek hi gana..!


Sunte sunte bor hua mai,

Nani ka wo roj ka gana..!


Parso nani ne khud hi poochha,

Bor hua kya sameer beta..!


Maine bhi nani ko bol diya hai,

Nani ke ganon ka pitara khol diya hai..!


Nani ko radio la diya hai,

Sabse badiya kaam kiya hai..!


Nani sunti hai ab bas gaana,

Radio deke ab maine hai jaana..!


Gaane ko ab sunti rehati hai,

Channel ko chunti rehti hai..!


Ye dekh me bhi chonk jaata,

Is umr me naya gaana nani ko lubhata..!


Jor jor se nani hai gaati,

Sabka dil chura le jaati..!


Meri nani pyari nani,

Achche achche geet sunati..!



Poem on nana nani in hindi


नाना नानी करे ये बात,

मुझको देते है आशिर्वाद।


सवेरे पाँव पड़ने मै जब जाता,

तभी सुकून मे ही मै जी पाता।


नानी का बर्थडे जब आया,

मैने केक थोड़ा ही लाया।


मम्मी ने साड़ी का भंडार बुलाया,

नानी को अंदर रूम मे बुलाया।


साड़ी वाले ने साड़ी बिखराए,

नानी को वो सब पसंद भी आये।


मम्मी ने साड़ी पहनायी,

नानी खुशी से फुले न समायी।


उसी वक़्त नाना जब आये,

नानी को भी पास बुलाये।


नानी ने फिर केक है काटा,

उसको मैने सबमे बांटा।


नाना नानी खुश थे उस दिन,

सब परिवार साथ मिले थे उस दिन।


दोनो ने फ़ोटो खिंचवायी,

मेरी नानी यु शरमाई।



नाना नानी पर कविता


Nana nani kare ye baat,

Mujhko dete hai aashirvaad..!


Savere pav padne mai jab jata,

Tabhi sukoon me hi mai ji pata..!


Nani ka birthday jab aaya,

Maine cake thoda hi laya..!


Mummy ne sari ka bhandar bulaya,

Nani ko andar room me bulaya..!


Saree wale ne saree bikhrai,

Nani ko wo sab pasand bhi aayi..!


Mummy ne saree pehanayi,

Nani khushi se phule na samayi..!


Usi waqt nana jab aaye,

Nani ko bhi paas bulaye..!


Nani ne phir cake hai kaata,

Usko maine sab me banta..!


Nana nani khush the us din,

Sab parivaar saath mile the us din..!


Dono ne photo khinchvai,

Meri nani yu sharmayi..!



Poem on nani ka ghar in hindi


नानी का घर कविता


नानी के घर मै जब आया,

नानी ने मुझको गले लगाया।


मुझको सोफे पे बिठाया,

मेरे लिए ठंडा पानी लाया।


गरम गरम पकवान बनाया,

मजे से मैने उसको खाया।


मैने फिर एक गाना गाया,

नानी को पसंद वो आया।


नानी ने घर की सैर कराई,

मुझको अपना प्यारा घर दिखाई।


घर मे एक बिल्ली थी भाई,

मेरे पास वो बिल्कुल ना आयी।


नानी ने घर के पीछे लाया,

मुझको छोटा सा बागीचा दिखाया।


मैने भी एक छोटा पेड़ लगाया,

उसको थोड़ा पानी डाला।


नानी को फिर खेलने लगाया,

पकड़ा पकड़ी का खेल खिलाया।


नानी को मैने खुप भगाया,

नानी को मैने खूब हंसाया।


उस दिन बहुत खुश थी मेरी नानी,

दिख रही थी बिल्कुल सुंदर रानी।


नानी ने मुझको बहुत कुछ सिखाया,

नानी के घर जब मै आया।



नानी का घर पर कविता


Nani ke ghar mai jab aaya,

Nani ne mujhko gale lagaya..!


Mujhko sophe pe bithaya,

Mere liye thanda pani laya..!


Garam garam pakwaan banaya,

Maje se maine usko khaya..!


Maine phir ek gana gaya,

Nani ko pasand wo aaya..!


Nani ne ghar ki sair karayi,

Mujhko apna pyara ghar dikhayi..!


Ghar me ek billi thi bhai,

Mere paas woh bilkul na aayi..!


Nani ne ghar ke pichhe laya,

Mujhko chhota sa bageecha dikhaya..!


Maine bhi ek chhota ped lagaya,

Usko thoda pani dala..!


Nani ko phir khelne lagaya,

Pakda pakdi ka khel khilaya..!


Nani ko maine khup bhagaya,

Nani ko maine khub hansaya..!


Us din bahut khush thi meri nani,

Dikh rahi thi bilkul sundar rani..!


Nani ne mujhko bahut kuchh sikhaya,

Nani ke ghar jab mai aaya..!



Poem for nani in hindi


नानी नानी ओ मेरी नानी,

प्यारी नानी अच्छी नानी।


नानी नानी ओ मेरी नानी,

गाँव से तुम क्या हो लायी।


शेव कचौडी मुझको है खानी,

फिर सुनूंगा तुम्हारी कहानी।


नानी नानी ओ मेरी नानी,

कुवे से मुझे लाना है पानी,


तुमको चाय पिलाना है नानी,

कितनी शक्कर डालु नानी।


नानी नानी ओ मेरी नानी,

खेत मे लेके चलो न नानी,


खेतों को देंगे हम भी पानी,

खिलायेंगे गैया को दाना पानी।


नानी नानी ओ मेरी नानी,

सुनाओ ना मुझको जंगल की कहानी।


कल नही सुनाई तुमने कहानी,

इसीलिए मुझे कल नींद ना आयी।


नानी नानी ओ मेरी नानी,

तुम हो मेरी सुपर नानी।



मेरी नानी पर कविता


Nani nani o meri nani,

Pyari nani achchhi nani..!


Nani nani o meri nani,

Gaon se tum kya ho layi..!


Sev kachori mujhko hai khani,

Phir sununga tumhari kahani..!


Nani nani o meri nani,

Kuwe se mujhe lana hai pani..!


Tumko chai pilana hai nani,

Kitni shakkar dalu nani..!


Nani nani o meri nani,

Khet me leke chalo na nani..!


Kheton ko denge hum bhi pani,

Khilayenge gayya ko dana pani..!


Nani nani o meri nani,

Sunao na mujhko jungle ki kahani..!


Kal nahi sunayi tumne kahani,

Isliye mujhe kal neend na aayi..!


Nani nani o meri nani,

Tum ho meri super nani..!



Nana nani poem in hindi


हम चले नाना नानी के गाँव,

बहुत दूर है नाना नानी का गाँव।


खूबसूरत है नाना नानी का गाँव,

रोको ना तुम गाड़ी को चलते जाओ।


अब आया नाना नानी का गाँव,

मस्त खाएंगे अब भजिया पाव।


सुंदर है नाना नानी का ये गाँव,

हर तरफ है पेड़ों की छाँव।


ली मैने भी थोड़ी पेड़ों की छाँव,

क्योंकि दर्द कर रहे थे मेरे पाँव।


चारों तरफ मैने आँख घुमायी,

हर तरफ हरियाली है छाई।


फूलों की घटा यहा है छायी,

देख के अंदर ऊर्जा सी आयी।


रंगबिरंगी तितलियां फूलों पे मंडराए,

हमे देख फिर से उड़ जाए।


देख के गाँव का ये सुंदर नजारा,

कभी ना देखा हो इतना प्यारा।


हम चले नाना नानी के गाँव,

बहुत दूर है नाना नानी का गाँव।



दादा दादी - नाना नानी का गाँव पर कविता


Hum chale nana nani ke gaon,

Bahut door hai nana nani ka gaon..!


Khubsurat hai nana nani ka gaon,

Roko na tum gadi ko chalte jao..!


Ab aaya nana nani ka gaon,

Mast khayenge ab bhajiya pav..!


Sundar hai nana nani ka ye gaon,

Har taraf hai pedon ki chaanv..!


Li maine bhi thodi pedon ki chhanv,

Kyonki dard kar rahe the mere paanv..!


Chaaron taraf maine aankh ghumayi,

Har taraf hariyali hai chhayee..!


Phoolon ki ghata yaha hai chhayee,

Dekh ke andar urja si aayi..!


Rangiberangi titaliyaan phoolon pe mandraye,

Hume dekh phir se ud jaye..!


Dekh ke gaon ka ye sundar najara,

Kabhi na dekha ho itna pyara..!


Hum chale nana nani ke gaon,

Bahut door hai nana nani ka gaon..!



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कुछ आखरी शब्द :


poem on nani in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर नानी के गाँव के घर की याद जरूर आयी होगी क्योंकि नानी का गाँव हमे बहुत पसंद आता है। वो खेत सभी तरफ हरियाली सच मे मन को मोह लेता है।


आशा करता हु की हमारी नानी पर कविताएँ आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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