दोस्तों kitab par shayari in hindi में आपको कुछ किताब पर शायरी हमने इस आर्टिकल में लिखे है जोकि ज़िन्दगी और किस्मत इसे बनाना पड़ता है यही दोनों पहलू आपको यहा स्पष्ट किया है।


आपको तो पता ही है कि किताब की हर जानकारी हमे आज के दौर में कितनी महत्व रखती है। अगर किताब ना होती तो हमे ज्ञान कैसे मिल पाता जोकि किताब का महत्व हमे समझाता है। 


क्या आप किताब पढ़ते है? अगर नही पढ़ते तो जरूर पढियेगा क्योंकि सबसे ज्यादा ज्ञान हमे किताब से ही मिलता है। जिसे पढ़ के हम ज़िन्दगी में कुछ करके आगे बढ़ सकते है। इसीलिए हमने किताबों पर शेर लिखे है जो आपको बहुत पसंद आएंगे।


ये book shayari लिख के हमे बेहद अच्छा लग रहा है क्योंकि आप और आपके बच्चे जब इस आर्टिकल को पढ़ेंगे तो कुछ तो किताबो के प्रति उनकी भावनाएं अलग सी हो ही जाएगी किताबों के प्रति तो जरूर पढ़िए।


किताब पर शायरी | Kitab Par Shayari In Hindi | Book Shayari



किताब पर शायरी | Kitab Par Shayari In Hindi | Book Shayari
Kitab par shayari in hindi image photo

kitab par shayari


आज भी हौसले नज़र आते है लोगों में,

कुछ बड़ा बनने के लिए,

आज भी सिर्फ किताब नज़र आती है हाथों में,

वो पढ़ के कुछ बड़ा बनने के लिए।


Aaj bhi hausle nazar aate hai logon me,

Kuchh bada banne ke liye,

Aaj bhi sirf kitab nazar aati hai hatho me,

Wo padh ke kuchh bada banne ke liye..!

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ए ज़िन्दगी ढूंढ़ने वालों,

ज़िन्दगी बाहर क्या ढूंढ रहे हो,

कभी किताब भी खोल कर देखो,

ज़िन्दगी तो किताबों में हज़ारों पड़ी है।


A zindagi dhoondne walo,

Zindagi bahar kya dhoond rahe ho,

Kabhi kitab bhi khol kar dekho,

Zindagi to kitabon me hazaron padi hai..!

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हर चेहरा किताब सा लगता है आजकल,

हर एक मुस्कान किताब लगती है आजकल,

अगर तू न दिखे तो बेकार सा लगता है मुझे,

तुझे पढ़ने का मन रोज करता है आजकल।


Har chehra kitab sa lagta hai aajkal,

Har ek muskan kitab lagti hai aajkal,

Agar tu na dikhe to bekar sa lagta hai mujhe,

Tujhe padhne ka man roj karta hai aajkal..!

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मोहब्बत की किताब पढ़ कर,

हम ऐसे बदल गए,

की मोहब्बत तो छोड़ गयी हमे,

किताबो में हमे उलझा कर।


Mohabbat ki kitab padh kar,

Hum aise badal gaye,

Ki mohabbat to chhod gayi hume,

Kitabo me hume uljha kar..!

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किताबें अक्सर ढूंढ लिया करता था मै,

जब किताबों में मन भी नहीं लगता था मेरा।


Kitabe aksar dhund liya karta tha mai,

Jab kitabo me mann bhi nahi lagta tha mera. !



किताब पर शायरी रेख़्ता


पढ़ना है हमे, 

तो किताबों में पढ़ लिया करो,

अक्सर दर्द की कहानी लिखा करते है हम वहा।


Padhna hai hume, 

to kitabon me padh liya karo,

Aksar dard ki kahani likha karte hai hum waha..!

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मोहब्बत और किताब का नाता,

है बहुत ही गहरा,

मोहब्बत में किसी का दिल टूट जाये तो,

वो एक किताब जरूर लिखता है।


Mohabbat aur kitab ka nata,

Hai bahut hi gehra,

Mohabbat me kisi ka dil tut jaye to,

Wo ek kitab jaroor likhta hai..!

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अक्सर अकेला रहा करता था मै,

किसी से भी बात नहीं करता था मै,

आख़िर वक़्त ने मुझे कामयाब बना ही दिया,

क्यों की किताब हर वक़्त पढ़ा करता था मै।


Aksar akela raha karta tha mai,

Kisi se bhi baat nahi karta tha mai,

Aakhir waqt ne mujhe kamyab bana hi diya,

Kyon Ki kitab har waqt padha karta tha mai..!

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किसी के चेहरे को पढ़ने से पहले,

उसका मोबाइल ही पढ़ लिया करो,

उनकी लिखी सच्ची किताब तो मोबाइल में ही होती है।


Kisi ke chehre ko padhne se pahle,

Uska mobile hi padh liya karo,

Unki likhi sachhi kitab to mobile me hi hoti hai..!

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किताब अनजाने में पढ़ा करते थे हम,

शौक से पढ़ने का दिल तब हुआ,

जब दिल टूट गया।


Kitab anjane me padha karte the hum,

Shauk se padhne ka dil tab hua,

Jab dil tut gaya..!



किताबों पर शेर


अर्ज किया है,

की किताबों को पढ़ कर,

समझ पाये हम उस किताब को अभी,

लेकिन तुम्हे पढ़ कर भी,

न जाने क्यों तुम्हे समझ पाये ना हम कभी।


Arj kiya hai,

Ki kitabon ko padh kar,

Samajh paye hum us kitab ko abhi,

Lekin tumhe padh kar bhi,

Na jane kyu tumhe samajh paye naa hum kabhi..!

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तुमसे इश्क़ लड़ाने की,

क्या इजाज़त है हमे?

ए किताब तुम्हे पढ़ने की,

क्या इजाज़त है हमे?


Tumse ishq ladane ki,

Kya ijazat hai hume,

A kitab tumhe padhne ki,

Kya ijazat hai hume..!

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मिले मेरी किताब,

तो फुर्सत से पढ़ लेना जरूर,

इस टूटे दिल का,

आखरी लब्ज़ तुम पढ़ लेना जरूर।


Mile meri kitab,

To fursat se padh lena jarur,

Iss tute dil ka,

Akhri labz tum padh lena jarur..!

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ये किताब है जनाब,

पढ़ भी लिया करो इसे कभी,

ये दूसरों की तरह,

धोखा नहीं देती।


Ye kitab hai janab,

Padh bhi liya karo ise kabhi,

Ye dusro ki tarah,

Dhokha nahi deti..!

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शेर किताबों पे लिखू,

या टूटे दिल पे एक ही है,

आखिर लिखना तो किताबो में ही है।


Sher kitabon pe likhu,

Ya tute dil pe ek hi hai,

Aakhir likhna to kitabo me hi hai..!



Zindagi ki kitab par hindi shayari


किताबों के साथ ज़िन्दगी बिताया करो यारो,

ज़िन्दगी में कुछ अच्छा सीखने के लिए।


Kitabon ke sath zindagi bitaya karo yaro,

Zindagi me kuch acha sikhne ke liye..!

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किताबों से ना था आज तक,

ना होगा कभी,

किताब को ना छोड़ ना तुम कभी।


Kitabon sa na tha aaj tak,

Naa hoga kabhi,

Kitab ko naa chhod na tum kabhi..!

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वो भी क्या वक़्त था,

जब हम किताब पढ़ते रहते थे,

स्कूल जाते थे, 

और किताबों से ही घिरे रहते थे।


Wo bhi kya waqt tha,

Jab hum kitab padhte rehte the,

School jate the, 

Aur kitabon se hi ghire rehte the..!

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सुकून था ज़िन्दगी में,

किताबों की तरह,

किताबें हमें पढ़ना सिखाती थी,

एक छोटे बच्चे की माँ की तरह।


Sukun tha zindagi me,

Kitabon ki tarah,

Kitaben hume padhna sikhati thi,

Ek chhote bacche ki maa ki tarah..!

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ज़िन्दगी से नहीं कोई गिला शिकवा हमे,

बस किताबें पढ़ना बाकी रह गया था।


Zindagi se nahi koi gila shikwa hume,

Bas kitabe padhna baki reh gaya tha..!



किस्मत की किताब पर शायरी हिंदी में 


किस्मत की किताब मिला नहीं करती साहब,

किस्मत तो बनाई जाती है किताबें पढ़ कर।


Kismat ki kitab mila nahi karti sahab,

Kismat to banai jati hai kitaben padh kar..!

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ज़िन्दगी में मौका सबको मिलता है,

कुछ कर दिखाने का ,

जो बोलते है हमारी किस्मत ख़राब है,

वो शायद किताबों से अनजान रहते है।


Zindagi me mauka sabko milta hai,

Kuch kar dikhane ka ,

Jo bolte hai hamari kismat kharab hai,

Wo shayad kitabon se anjaan rehte hai..!

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किस्मत की किताब पर लिखा था मेरा नाम,

उसे पढ़ना था सिर्फ एक ही था मेरा काम,

हम पढ़ न सके उस किताब को,

और हट गया मेरा किस्मत का ये नाम।


Kismat ki kitab par likha tha mera naam,

Use padhna tha sirf ek hi tha mera kaam,

Hum padh na sake us kitab ko,

Aur hat gaya mera kismat ka ye naam..!

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किताबों में खो जाया करो,

पढ़ते वक़्त सो जाया करो,

कभी तो मिलेगी कामयाबी,

उसे तुम किस्मत से आजमाया करो।


Kitabon me kho jaya karo,

Padhte waqt so jaya karo,

Kabhi to milegi kamyabi,

Use tum kismat se ajmaya karo..!

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किस्मत से आजमाई है ये ज़िन्दगी,

इसे किताबों में आजमाके तो देखो।


Kismat se ajmayi hai ye zindagi,

Ise kitabon mein ajmake to dekho..!



books par shayari in hindi | खुली किताब पर शायरी


सुकून है ज़िन्दगी में,

तुझे पढ़ के ए मेरे दोस्त,

मुश्किल में तू राह दिखाता है,

ए किताब तू ही है मेरा सच्चा दोस्त।


Sukun hai zindagi me,

Tujhe padh ke a mere dost,

Mushkil me tu rah dikhata hai,

A kitab tu hi hai mera saccha dost..!

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अकेला था ज़िन्दगी में,

तुझे पढ़ने से पहले,

तुझे पढ़ के एहसास हुआ,

कि मिलना पड़ेगा रोज अब, 

तुझे सबसे पहले।


Akela tha zindagi me,

Tujhe padhne se pehle,

Tujhe padh ke ehsaas hua,

Ki milna padega roj ab, 

Tujhe sabse pehle..!

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अधूरा रह जाता है जिसका,

इश्क़ का खूबसूरत सफर,

अक्सर वही लोग,

इश्क़ की अधूरी कहानी,

किताबों में लिखते है।


Adhura reh jata hai jiska,

Ishq ka khubsurat safar,

Aksar wahi log,

Ishq ki adhuri kahani,

Kitabon me likhte hai..!

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किताब पढ़ते पढ़ते जब तू याद आया,

उस किताब की कहानी में मैंने तुझे ही पाया,

मैंने भी एक किताब लिखने की सोची,

तो अधूरे प्यार का एक पल याद आया।


Kitab padhte padhte jab tu yaad aya,

Us kitab ki kahani me maine tujhe hi paya,

Maine bhi ek kitab likhne ki sochi,

To adhure pyar ka ek pal yaad aya..!

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खुली किताब तो सबने देखी है यारों,

उसे पढ़ के तुम जरूर देखो।


Khuli kitab to sabne dekhi hai yaron,

Use padh ke tum jaroor dekho..!



किताब के पन्ने शायरी


पूरा तो पढ़ लिया करो मुझे,

कही आखरी पन्ने पर,

प्यार का ज़िक्र लिखा हो इस किताब में।


Pura to padh liya karo mujhe,

Kahi akhri panno par,

Pyar ka zikr likha ho is kitab me..!

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फटे पन्ने पर भी शायरी लिखते रहते थे,

वो किताब का पन्ना था मेरे दोस्त,

उसे हम किताब में ही जोड़ के रखते थे।


Fate panne par bhi shayari likhte rehte the,

Wo kitab ka panna tha mere dost,

Use hum kitab me hi jod ke rakhte the..!

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हर किताब के पन्नो पर,

ज़िक्र था तेरे मोहब्बत का,

भुला न पाया तेरी मोहब्बत कभी मैं,

यही नाम था उस मोहब्बत की किताब का।


Har kitab ke panno par,

Zikr tha tere mohabbat ka,

Bhoola na paya teri mohabbat kabhi mai,

Yahi naam tha us mohabbat ki kitab ka..!

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उस किताब के पन्नो को पढ़ कर,

हमे याद आती हो तुम,

अब आ भी जाओ वापस,

बस यही अल्फाज़ पढ़ के, 

उस किताब में हम हो जाते है गुम।


Us kitab ke panno ko padh kar,

Hume yaad aati ho tum,

Ab aa bhi jao wapas,

Bas yahi alfaz padh ke, 

us kitab me hum ho jate hai goom..!

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किताबों के पन्ने पलट के देखो,

बचपन याद ज़रूर आएगा।


Kitabon ke panne palat ke dekho,

Bachpan yaad zaroor aayega..!


ईसे भी पढ़िए : 


कुछ आखरी अल्फ़ाज़ :


हमे kitab par shayari in hindi लिखने में बड़ा अच्छा लगा और हमने जब लिखी और सभी किताब पर शायरी पढ़ी तो वाकई सबको पसंद आयी अब बस अपने पढ के बताना जरूर है कि क्या आपको पसंद आयी या नही।


आप बताते नही हो कि हमारी book shayari या कोई और आर्टिकल आपको कैसा लगा यार जरूर बताया करे क्योंकि ये सभी पोस्ट मैं खुद लिखता हूं ।


तो बताये इस ज़िन्दगी और किस्मत की किताब शायरी आपको कैसी लगी आशा करता हु की आपको अच्छी लगी होगी।

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