दोस्तो आप यहां Sawan Ki Pehli Barish Shayari का आनंद ले सकते है। सावन की बरसात शायरी हिंदी में लिखी गयी है जोकि बारिश की मौसम में पहली बारिश का आपका अनुभव ताजा करेंगी ।

पहली बारिश का मजा तो सभी लेना चाहते है लेकिन अगर आप अपने friends,girlfriend यानी आपके प्यार के साथ भीगने का मजा ले तो क्या ही बात होगी ।

क्या आप बचपन मे बारिश के पानी मे बहुत भीगे हो ? भीगे ही होंगे यार को किसे पसंद नही बचपन मे भीगना इसीलिए कुछ बचपन की यादे हमने बचपन बारिश शायरी में बयाँ की है जो कि आपको बहुत पसंद आएगी।


Sawan Ki Pehli Barish Shayari | Sawan Ki Barsaat Shayari


Sawan Ki Pehli Barish Shayari | Sawan Ki Barsaat Shayari
pehli barish shayari image

Pehli barsaat shayari 2 line


भीगना भी जरूरी था इस पहली बारिश मे,

थोड़ी देर तुझे देखने के लिए।


Bhigna bhi jaruri tha iss pehli barish me,

Thodi der tujhe dekhne ke liye.!


बहुत देखे है खूबसूरत चेहरे इस निगाहों ने,

तुमसा क़ातिल चेहरा ना देखा,

पहले कभी इस पहली बारिश मे।


Bahut dekhe hai khubsurat chehre iss nigahon ne,

Tumsa qatil chehra na dekha,

Pehle kabhi iss pehli barish me..!


डरते होंगे लोग पहली बारिश से,

हम किसान लोग झूमते गाते है,

इस पहली बारिश मे ।


Darte honge log pehli barish se,

Hum kisan log jhumte gaate hai, 

Iss pehli barish me..!


पता है मुझे तुम गर्मी से बेहाल हो गयी,

पहली बारिश की बूंदे क्या गिरी,

हमारे बाहों मे आके खो गयी।


Pata hai mujhe tum garmi se behal ho gayi,

Pehli barish ki boonde kya giri,

Hamare baho me aake kho gayi..!


उसने पूछा हमसे पहली बारिश कब आएगी,

मैने बोला बारिश छोड़ पीछे तेरी मम्मी आ गयी।


Usne pucha humse pehli barish kab aayegi,

Maine bola barish chhod pichhe teri mummy aa gayi..!



Barish ke mausam par shayari


बारिश का मौसम आ गया है देखो,

काले बदल छा गए है देखो,

इंतेज़ार था सबको जिसका,

वो सावन की बरसात आ गयी है देखो।


Barish ka mausam aa gaya hai dekho,

Kale badal chha gaye hai dekho,

Intezar tha sabko jiska,

Wo sawan ki barsaat aa gayi hai dekho..!


बारिश का मौसम था,

हम घर से बाहर निकल गए,

बारिश तो आयी नही,

लेकिन रास्ते मे सनम तुम मिल गए।


Barish ka mausam tha,

Hum ghar se bahar nikal gaye,

Barish to aayi nahi,

Lekin raste me sanam tum mil gaye..!


मौसम भी क्या खूब था बारिश का,

हवाएं चलने लगी पत्ते उड़ने लगे,

जब दोनो बारिश मे चलने लगे,

दिल भी तभी धड़कने लगा मेरा।


Mausam bhi kya khub tha barish ka,

Hawayen chalne lagi patte udne lage,

Jab Dono barish me chalne lage

Dil bhi tabhi dhadkane laga mera..!


ए बारिश तू बरसते रहना,

इस बंजर जमी की प्यास बुझाते रहना,

पेड़ तो सुख गए इस धरती के,

इसे तुम नहाते रहना।


Ae barish tu baraste rehna,

Iss banjar jamin ki pyas bujhate rehna,

Ped to sukh gaye iss dharti ke,

Ise tum nahate rehna..!


फूलों की महक हो,

या धरती की महक,

ये सब तो महकेंगे,

जब जोर की बारिश हो।


Phoolon ki mehak ho,

Ya dharti ki mehak,

Ye sab to mehakenge,

Jab jor ki barish ho..!



Beautiful barish shayari - Shayari on barish in hindi


कश्तियाँ भी डूबती है वहा,

जहा बारिश का पानी आता है,

यु ना खेल इस बारिश से,

ज़िन्दगी में बर्बादी का सैलाब आता है।


Kashtiyan bhi dubti hai waha,

Jaha barish ka pani aata hai,

U na khel iss barish se,

Zindagi me barbadi ka sailab aata hai..!


बरसात में तेरा भीगना याद रखूंगा मै,

तेरा भीगे बालों को सुखाना याद रखूंगा मै,

तुमसे प्यार जो हो गया है मुझे ये सनम,

वो तेरा चुपके से मुझे देखना याद रखूंगा मै।


Barsaat me tera bhigna yaad rakhunga mai,

Tera bheege balon ko sukhana yaad rakhunga mai,

Tumse pyar jo ho gaya hai mujhe ye saman,

Wo tera chupke se mujhe dekhna yaad rakhunga mai..!


प्यार-ए-इश्क़ कि बरसात बड़ी प्यारी है,

तुमसे मिलने की ये ख्वाहिश बड़ी न्यारी है,

कही फिसल ना जाऊ तेरे प्यार मे मै,

अब प्यार करने की उम्मीद तुझसे ही सारी है।


Pyar-ae-ishq ki barsaat badi pyari hai,

Tumse milne ki ye khwahish badi nyari hai,

Kahi fisal na jau tere pyar me mai,

Ab pyar karne ki ummid tujhse hi saari hai..!


बरसात होने पर भी याद आती है,

बरसात जाने पर भी याद आती है,

तू मुझे छोड़ चली जाने पर भी,

बस और बस तेरी ही हमेशा याद आती है।


Barsaat hone par bhi yaad aati hai,

Barsaat jane  par bhi yaad aati hai,

Tu mujhe chhod chali jane par bhi,

Bas or bas teri hi hamesha yaad aati hai..!


बारिश तू रुक जा ठहर जा थोड़ी देर,

तुझे तो बरसना ही है,

लेकिन उसे मेरे करीब तो आने दे थोड़ी देर।


Barish tu ruk ja thahar ja thhodi der,

Tujhe to barsna hi hai,

Lekin use mere karib to aane de thodi der..!



Barish shayari in hindi for girlfriend


बारिश का आना भी जरूरी था,

धरती की प्यास बुझाने के लिए,

फूलों का खिलना भी जरूरी था,

तुमसे दिल लगाने के लिए।


Barish ka aana bhi jaruri tha,

Dharti ki pyas bujhane ke liye,

Phoolon ka khilna bhi jaruri tha,

Tumse dil lagane ke liye..!


तुमसे मिलना भी जरूरी था इस बारिश मे,

बात करना भी जरूरी था इस बारिश मे,

कही थम न जाये ये बारिश की बूंदे,

अधूरी रह जाएंगी ये प्यार की बातें इस बारिश मे।


Tumse milna bhi jaruri tha iss barish me,

Baat karna bhi jaruri tha iss barish me,

Kahi tham na jayen ye barish ki boonde,

Adhuri reh jayengi ye pyaar ki batein iss barish me..!


तेरा और मेरा एक साथ घूमने जाने,

और आधे रास्ते मे ही बारिश का आना,

ये कोई इत्तेफाक नही है,

ये तो बारिश की हमे मिलाने की साजिश है।


Tera aur mera ek sath ghumne jana,

Aur andhe raste me hi barish ka aana,

Ye koi ittefaq nahi hai,

Ye to barish ki hame milane ki sajish hai..!


बारिश का मौसम है ये कितना सुहाना,

तुमसे दिल लगाने का है ये एक बहाना,

तू ना मिले तो रुक जाएगी ये धड़कने मेरी,

तू किसी और से नही मुझसे ही दिल लगाना।


Barish ka mausam hai ye kitna suhana,

Tumse dil lagane ka hai ye ek bahana,

Tu na mile to ruk jayegi ye dhadkane meri,

Tu kisi aur se nahi mujhse hi dil lagana..!


बारिश के मौसम का अचानक ही आना,

याद है तुम्हे अपने मिलने का ठिकाना,

मिलना तो है ही हमें कैसे भी,

बनाके एक चाय पीने का बहाना।


Barish ke mausam ka achanak hai aana,

Yaad hai tumhe apne milne ka thikana,

Milna to hai hi hame kaise bhi,

Banake ek chai peene ka bahana..!


कीचड़ भी बनते है बारिश आने से,

फूल भी खिलते है बारिश आने से,

अब तू भी आजा बारिश बन के,

दूल्हा बन जाऊँगा मै,

बस तेरा मेरी ज़िन्दगी में आने से।


Kichad bhi bante hai barish aane se,

Phool bhi khilte hai barish aane se,

Ab tu bhi aaja barish ban ke,

Dulha ban jaunga mai,

Bas tera meri zindagi me aane se..!



Barish love shayari 2 line


बारिश आ गयी और छाता उड़ गया,

मैंने हमारे इश्क़ को बरसात का नाम दिया।


Barish aa gayi aur chhata ud gaya,

Maine hamare ishq ko barsaat ka naam diya..!


चाहत तो बहुत है तुम्हे पाने की,

इस बरसात में तुमसे दिल लगाने की।


Chahat to bahut hai tumhe pane ki,

Iss barsaat me tumse dil lagane ki..!


प्यारी सी बरसात हो गयी,

अजनबी से प्यार हो गया,

सफर तो था बड़ा लम्बा,

आँखों ही आँखों में इज़हार हो गया।


Pyari si barsaat ho gayi,

Ajnabi se pyar ho gaya,

Safar to tha bada lamba,

Aankho hi aankho mein izhaar ho gaya..!


जब खिल उठे तुम इस बारिश में,

तब हमें भी तो तुम्हारे पास आना ही था।


Jab khil uthe tum iss barish me,

Tab hame bhi to tumhare paas aana hi tha..!


इश्क़ की बारिश से भिगाएँगे तुमको,

लेके हमारी बाहों में सुखाएँगे तुमको।


Ishq ki barish se bhigayenge tumko,

Leke hamari baho me sukhayenge tumko..!



Bemausam barish shayari sad


बे वजह छोड़ के चले जाना,

जैसे लोगो का बदल जाना,

और बे मौसम बारिश का आना,

लाजमी है।


Be wajah chhod ke chale jana,

Jaise logo ka badal jana,

Aur be mausam barish ka aana,

Lajmi hai..!


आ रही थी वो सामने से,

बे मौसम बारिश ने भगा दिया।


Aa rahi thi wo samne se,

Be Mausam barish ne bhaga diya..!


इरादा मिलने का तो था तुमसे,

बे मौसम बारिश बाज़ी मार गयी।


Irada milne ka to tha tumse,

Be mausam barish baji mar gayi..!


बे मौसम बारिश का आना,

और तुम्हारा बिच में मुझे छोड़ के चले जाना,

ये एक धोखा ही तो है।


Be mausam barish ka aana,

Aur tumhara bich me mujhe chod ke chale jana,

Ye ek dhokha hi to hai..!


बुरा वक़्त था बुरी मेरी जिंदगानी,

तू कैसे मुझे छोड़ के चली गयी,

सबको सुनाता रहा वो बे मौसम बारिश की कहानी।


Bura waqt tha buri meri zindgani,

Tu kaise mujhe chhod ke chali gayi,

Sabko sunata raha wo be mausam barish ki kahani..! 


साथ तेरे ही आउंगा,

तुझे छोड़ के कभी न जाऊंगा,

तू आती है तो चल मेरे साथ,

बे मौसम बारिश का मजा दिलाऊँगा।


Sath tere hi aaunga,

Tujhe chhod ke kabhi na jaunga,

Tu aati hai to chal mere sath,

Be mausam barish ka maja dilaunga..!



Bachpan barish shayari


डूब जाने का मन करता है इस बारिश में,

कीचड़ में फिसल जाने का मन करता है इस बारिश में।


Dub jane ka man karta hai iss barish me,

Kichad me fisal jane ka man karta hai iss barish me..!


कुछ बचकानी हरकत की इस बारिश ने,

थोड़ा बरस लिया थोडा गिला कर गयी।


Kuch bachkani harkat ki iss barish ne,

Thoda baras liya thoda gila kar gayi..!


अँधेरा भी था बारिश भी थी,

गरम भजिया खाने की ख्वाहिश भी थी।


Andhera bhi tha barish bhi thi,

Garam bhajiya khane ki khwahish bhi thi..!


चले थे बारिश की बूंदों को चखने,

मम्मी ने डांट लगाई चले गए घर अपने अपने।


Chale the barish ki boondon ko chakhne,

Mummy ne daant lagai chale gaye ghar apne apne..!


कागज़ की कश्ती भी डूब गयी,

उस बहते पानी में,

मैं भी थोड़ा भीग गया,

बरसात के पानी में।


Kagaz ki kashti bhi doob gayi,

Us behte pani me,

Mai bhi thoda bhig gaya,

Barsaat ke pani me..!


अँधेरा भी था बारिश भी थी,

गरम भजिया खाने की ख्वाहिश भी थी।


Andhera bhi tha barish bhi thi,

Garam bhajiya khane ki khwahish bhi thi..!




आखरी कुछ बातें :


Sawan Ki Pehli Barish Shayari सावन की बरसात शायरी आपको जरूर पसंद आयी होगी ऐसी मै आशा करता हु और इस बारिश के मौसम मे आपको ढेर सारी खुशियां मिले यही दुआ करता हु ।


ऐसेही हमारी हिंदी शायरी वाली पोस्ट हमेशा पढ़ते रहिये और शायरी on barish in हिंदी जैसी पोस्ट पढ़ते रहे और शेयर करते रहिए और आप कोनसे विषय पर पोस्ट पढ़ना चाहते है ये बताते रहिये।

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