दोस्तों bachpan poem in hindi मे आपका स्वागत है।बचपन की यादे ऐसी होती है जो कि हम भुला नही पाते बचपन की हसी हो या बचपन के खेल वो बचपन के दिन ही ऐसे थे क्या करे।


क्या आपने बचपन के स्कूल के दिन मे बहुत सारी मस्ती की है? जरूर की होंगी कौन नही करता बहुत प्यारा होता है मासूम बचपन मेरा बचपन आपका बचपन सबका बचपन मस्ती भरा रहा होगा।


तो चलिए इसी बचपन की याद मे मैने कुछ hindi poems on childhood बचपन पर poetry लिखी है जोकि आपके साथ बाँटना चाहता हु जो आपको जरूर पसंद आएगी।


Bachpan Ki Yaadein Poem In Hindi | Bachpan Poem In Hindi


Bachpan Ki Yaadein Poem In Hindi | Bachpan Poem In Hindi
Bachpan poem in hindi images

Bachpan par poem in hindi


बीत गया बचपन वो प्यारा,

अब लगता है वो मिले दोबारा।


गली मोहल्ले दिनभर घूमते थे,

दोस्तो से मिला करते थे।


मिलके हम मस्ती करते थे,

मैदान मे खेला करते थे।


कोई ना टोकता था हमको,

हम खुदके मालिक हुआ करते थे।


दुसरो के घर जाया करते थे,

बैठके टिव्ही देखा करते थे।


जब टिव्ही बंद हो जाता था,

वापिस लौट घर आ जाते थे।


नानी को सताया करते थे,

उनको पैसे मांगा करते थे।


चॉकलेट हम खाया करते थे,

पैसो को खत्म हम करते थे।


स्कूल के वक़्त नही उठते थे,

मम्मी की मार खाया करते थे।


स्कूल को हम बंग करते थे,

तोड़ने अमरूद हम जाते थे।


दूसरे दिन हम स्कूल जाते थे,

टीचर की मार बहुत खाते थे।


बीत गया बचपन वो प्यारा,

अब लगता है वो मिले दोबारा।



कविता बचपन पर


Beet gaya bachpan woh pyara, 

Ab lagta hai wo mile dobaara..! 


Gali mohalle din bhar ghumate the, 

Dosto se mila karte the..!


Milke hum masti karte the, 

Maidaan me khela karte the..!


Koee na tokta tha hamko, 

Hum khud ke malik hua karte the..!


Dusro ke ghar jaya karte the, 

Baith ke t.v. dekha karte the..!


Jab t.v. band ho jaata tha, 

Waapis laut ghar aa jaate the..!


Nani ko sataya karte the, 

Unko paise manga karte the..!


Chocolate hum khaya karte the, 

Paiso ko khatm hum karte the..!


School ke waqt nahi uthte the, 

Mummy ki maar khaya karte the..!


School ko hum bang karte the, 

Todne amrood hum jaate the..!


Dusre din hum school jate the, 

Teacher ki maar bahut khaate the..!


Beet gaya bachpan woh pyara, 

Ab lagta hai wo mile dobaara..!



Wo bachpan ke din poem


वो बचपन के दिन थे कैसे,

कभी न भूल पाएंगे ऐसे।


वो माँ का सवेरे उठ जाना

मुझको भी जल्दी से उठाना।


जल्दी से मुझको है नहाना,

स्कूल के लिए जल्दी है जाना।


माँ का स्वादिष्ट खाना है बनाना,

मुझको है डिब्बे में ले जाना।


दोस्तों के साथ खाना है खाना,

माँ का बनाया स्वादिष्ट खाना।


वो बचपन के दिन थे कैसे,

कभी न भूल पाएंगे ऐसे।


स्कूल से आधी छुट्टी में ही घर आना,

दूसरे दिन टीचर की मार है खाना।


दोस्त के साथ बाहर जाना,

दिनभर मस्ती करके आना।


माँ की डांट सदा ही खाना,

खाके डांट जल्दी सो जाना।


रोज का था ये रोना धोना,

अच्छा था वो बचपन का होना।


वो बचपन के दिन थे कैसे,

कभी न भूल पाएंगे ऐसे।



बचपन के दिन कविता


Wo bachpan ke din the kaise, 

Kabhi na bhool payenge aise..! 


Wo maa ka savere uth jaana, 

Mujhko bhi jaldi se uthana..! 


Jaldi se mujhko hai nahana, 

School ke liye jaldi hai jaana..!


Maa ka swadisht khana hai banana, 

Mujhko hai dibbe mein le jaana..!


Dosto ke sath khana hai khana, 

Maa ka banaya swadisht khana..!


Wo bachpan ke din the kaise, 

Kabhi na bhool payenge aise..!


School se aadhi chutti mein hi ghar aana, 

Dusre din teacher ki maar hai khana..!


Dost ke saath bahar jaana, 

Din bhar masti karke aana..! 


Maa ki dant sada hi khaana, 

Khake dant jaldi so jana..!


Roj ka tha ye rona dhona, 

Achchha tha wo bachpan ka hona..!


Wo bachpan ke din the kaise, 

Kabhi na bhool payenge aise..!



बचपन पर हास्य कविता


माँ जब भी डांटे है मुझको,

बचपन याद आता है मुझको।


नींद से मुझे नही जगना था,

मुझको स्कूल नही जाना था।


तब माँ मुझको बहुत उठाती,

जग जा बच्चे स्कूल है तेरी।


माँ से थोडा नाटक कर लेता,

माँ की तब जग जाती ममता।


सो जा बच्चा आज के दिन तू,

कल जाना ठीक होकर स्कूल तुम।


छुपकर दिनभर टिव्ही देख लेता,

टहलने के बहाने दोस्तो से मिलता।


जब माँ को पता है चलता,

माँ की धुलाई से मै ना बचता।


माँ जब भी डांटे है मुझको,

बचपन याद आता है मुझको।



Funny bachpan poem in hindi


Maa jab bhi dante hai mujhko, 

Bachpan yaad aata hai mujhko..!


Neend se mujhe nahi jagna tha, 

Mujhko school nahi jana tha..! 


Tab maa mujhko bahut uthati, 

Jag ja bachche school hai teri..! 


Maa se thoda natak kar leta, 

Maa ki tab jag jati mamta..!


So ja bachcha aaj ke din tu, 

Kal jana thik hokar school tum..! 


Chhup kar din bhar t.v. dekh leta, 

Tehalane ke bahane dosto se milata..! 


Jab maa ko pata hai chalta, 

Maa ki dhulai se mai na bachta..! 


Maa jab bhi dante hai mujhko, 

Bachpan yaad aata hai mujhko..!



बचपन के खेल पर कविता


आओ खेले बचपन के खेल,

बना रहे हम सब का मेल।


याद आये वो बचपन का मिलना,

स्कूल मैदान या रास्ते पे ही खेलना।


स्कूल मैदान हो या गली मोहल्ला,

चले हमारा ये क्रिकेट का बल्ला।


सबके घर के तोड़े हमने कांच,

याद है सबको उन सबकी डांट।


बचपन का था खेल ये प्यारा,

याद आता बचपन का खेल न्यारा।


आओ खेले बचपन के खेल,

बना रहे हम सब का मेल।


आयी बारिश के मौसम की बारी,

फुटबॉल की टीम आयी सारी।


मैदान गिला हो जाता था,

कीचड़ से भरा रहता था।


खेलते खेलते फिसल जाते थे,

लेकिन फिरसे उठ खड़े हो जाते थे।


कपड़ों पे कुछ ध्यान ना रहता,

वो गंदे जब हो जाते थे।


ऐसा था बचपन का जीना,

सदा हमको है याद आना।


आओ खेले बचपन के खेल,

बना रहे हम सब का मेल।



Hindi poems on bachpan


Aao khele bachpan ke khel, 

Bana rahe hum sab ka mel..! 


Yaad aaye vo bachapan ka milana, 

School maidan yeh raste pe hee khelna..! 


School maidan ho ya gali mohalla, 

Chale hamara ye cricket ka balla..! 


Sab ke ghar ke tode hamne kaanch, 

Yaad hai sab ko un sab ki daant..! 


Bachpan ka tha khel ye pyara, 

Yaad aata bachpan ka khel nyara..! 


Aao khele bachpan ke khel, 

Bana rahe hum sab ka mel..! 


Aayi barish ke mausam ki bari, 

Football ki team aayi sari..! 


Maidan gila ho jaata tha, 

Keechad se bhara rehta tha..! 


Khelte khelte phisal jate the, 

Lekin phir se uth khade ho jate the..! 


Kapdon pe kuchh dhyan na rahta, 

Vo gande jab ho jaate the..! 


Aisa tha bachpan ka jeena, 

Sada humko hai yaad aana..! 


Aao khele bachpan ke khel, 

Bana rahe hum sab ka mel..!



Mera bachpan poem in hindi


पूरा था बचपन वो मेरा,

लेकिन है लगता अभीभी अधूरा।


याद कर थोड़ा हस लेता हूं,

बचपन का मै बन जाता हूं।


थोड़ा मस्ती अब भी मै कर लेता हु,

लेकिन बचपन जैसा ना बन पाता हूं।


बाहर घूमने अब भी जाता हूं,

आइस क्रीम थोडी चख लेता हूं।


फिर भी बचपन याद करता हु,

दोस्तों से बातें कर लेता हूं।


बचपन की स्कूल मे चले जाता हूं,

टीचर से भी मिल आता हूं।


क्या थी वो बचपन की ज़िंदगानी,

बन गयी अब बस एक कहानी।


पूरा था बचपन वो मेरा,

लेकिन है लगता अभीभी अधूरा।



Bachpan ki poem in hindi


Pura tha bachpan woh mera, 

Lekin hai lagta abhi bhi adhura..!


Yaad kar thoda has leta hoon, 

Bachpan ka main ban jata hoon..! 


Thoda masti ab bhi mai kar leta hu, 

Lekin bachpan jaisa na ban pata hoon..! 


Bahar ghumne ab bhi jata hoon, 

Ice-cream thodi chakh leta hoon..! 


Phir bhi bachpan yaad karta hu, 

Doston se batein kar leta hoon..! 


Bachpan ki school me chala jata hoon, 

Teacher se bhi mil aata hoon..! 


Kya thi wo bachpan ki zindgani, 

Ban gayi ab bas ek kahaani..! 


Pura tha bachpan woh mera, 

Lekin hai lagta abhi bhi adhura..!



नटखट बचपन कविता


सुंदर छोटा सा एक बचपन,

खिलता कोमल सा नटखट बचपन।


प्यार से बोलो तो पास आता बचपन,

डांटे तो दूर भागे ये बचपन।


इधर उधर दौड़ाता बचपन,

मस्ती करनेका ये बचपन।


चॉकलेट खाने का ये बचपन,

नही मिलने पर रोता ये बचपन।


स्कूल मे जाने का ये बचपन,

खेलने कूदने का ये बचपन।


पतंग उड़ाने का ये बचपन,

मजे लेने का है ये बचपन।


माँ को सताता रहता ये बचपन,

माँ की डांट खाये ये बचपन।


रोता हसता रहता ये बचपन,

पागल भोला सा एक बचपन।


सबका दुलारा है ये बचपन,

सबसे प्यारा है ये बचपन।


सुंदर छोटा सा एक बचपन,

खिलता कोमल सा नटखट बचपन।



Childhood bachpan poem in hindi


Sundar chhota sa ek bachpan, 

Khilata komal sa natkhat bachpan..! 


Pyaar se bolo to paas aata bachapan, 

Daante to door bhage ye bachpan..! 


Idhar udhar daudata bachpan, 

Masti karne ka ye bachpan..! 


Chocolate khane ka ye bachpan, 

Nahi milne par rota ye bachpan..! 


School me jaane ka ye bachpan, 

Khelne kudne ka ye bachpan..! 


Patang udane ka ye bachpan, 

Maje lene ka hai ye bachpan..! 


Maa ko satata rahta ye bachpan, 

Maa ki daant khaye ye bachpan..! 


Rota hasata rahta ye bachpan, 

Pagal bhola sa ek bachpan..! 


Sab ka dulara hai ye bachpan, 

Sab se pyara hai ye bachpan..! 


Sundar chhota sa ek bachpan, 

Khilta komal sa natkhat bachpan..!




आखरी कूछ बातें:


मैने आपके साथ जो bachpan poem in hindi कविता शेयर की है वो आपको जरूर अच्छी लगी होगी ऐसी आशा करता हु। थोड़ी देर ही सही पर बचपन की यादों में आप मेरे साथ खो गए मुझे अच्छा लगा।


और एक बात आपको bachpan ki yaadein poem in hindi जैसी ही किसी और टॉपिक पर हिंदी मासूम बचपन poetry कविता चाहिए तो जरूर बताएं।

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