Thand Shayari In Hindi | ठंड पर शायरी

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दोस्तों, आज हमने आपके लिए thand shayari in hindi का लेख लिखा है, जो की आप ढूंढ रहे थे क्योंकि ठंड का मौसम है और बाहर कोहरा भी बहुत छाया है, तो ऐसे में आप बाहर तो बिल्कुल भी नही जा सकते ऐसे में एक शायरी तो बनती है कुछ ऐसा ही सोच रहे होंगे न आप तो ये लेख आपके लिए ही है।


साल में जो तीन मौसम आते है वो सभी अच्छे होते है और इसकी हमे और हमारे खेती को जरूरत भी है, वैसे ही अभी तो सर्दी का मौसम शुरू है और ठंड भी काफी है, ऐसी ठंड में हमे स्वेटर और टोपी पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए, नही तो तबियत खराब होने की आशंका बनी रहती है और एक सर्दी का मौसम शायरी सुन ली तो तबियत ठीक भी हो सकती है। 


हमारा लिखा यह लेख अगर आप पूरा पढ़ते हो तो शायद आपकी ठंडी थोड़ी कम हो जाये, और आपको नींद भी अच्छी आये, तो इस लेख को जरूर पूरा पढियेगा बहुत बढ़िया है।


Thand Shayari In Hindi | ठंड पर शायरी | ठंड वाली शायरी


Thand Shayari In Hindi | ठंड पर शायरी | ठंड वाली शायरी
Thand shayari in hindi with photo

Table of content


  1. Thand mausam shayari
  2. गुलाबी ठंड शायरी
  3. Thand shayari 2 line
  4. Shayari on thand
  5. Winter season shayari


Thand mausam shayari


मौसम ठण्ड का हो,

तो याद किसी की आती है,

अगर वो न मिले हमे,

तो आखिर रजाई ही काम आती है।


Mausam thand ka ho,

To yaad kisi ki aati hai,

Agar wo na mile hume,

To akhir rajai hi kaam aati hai..!

#


देर तक सोना मुझे बिलकुल पसंद नहीं,

पर क्या करे देर तक नहीं सोऊंगा,

तो ये ठण्ड बुरा मान जायेगी।


Der tak sona mujhe bilkul pasand nahi,

Par kya kare der tak nahi sounga,

To ye thand bura maan jayegi..!

#


ठंड का मौसम है,

दिन छोटा है,

और रात बड़ी है,

वो देखो मेरी रजाई,

मेरी राह देख रही है।


Thand ka mausam hai,

Din chhota hai,

Aur raat badi hai,

Wo dekho meri rajai,

Meri raah dekh rahi hai..!

#


ठंड के मौसम में,

बिना नहाए ही लोग खूबसूरत दीखते है,

पता ही नहीं चलता,

की कितने दिन नहाए नहीं।


Thand ke mausam me,

Bina nahaye hi log khubsurat dikhte hai,

Pata hi nahi chalta,

Ki kitne din nahaye nahi..!

#


गुलाबी ठंड शायरी


इस गुलाबी ठंडी से,

किसे लगता है डर,

तुम हो साथ मेरे तो जानेमन,

पूरी दुनिया घुमले हम।


Iss gulabi thandi se,

Kise lagta hai darr,

Tum ho sath mere to janeman,

Puri duniya ghumle hum..!

#


गुलाबी ठण्डी का मज़ा,

ले लेना चाहिए मेरे दोस्तों,

साल में एक बार आता है ये ठंड का मौसम,

इसे खुलके जी लेना चाहिए मेरे दोस्तों।


Gulabi thandi ka maza,

Le lena chahiye mere doston,

Saal me ek baar aata hai ye thand ka mausam,

Ise khulke ji lena chahiye mere doston..!

#


घने तुम्हारे बाल है,

मतवाली तुम्हारी चाल है,

कही गुलाबी ठण्डी में तो न घूम आयी,

क्युकी गाल तुम्हारे बड़े लाल है।


Ghane tumhare baal hai,

Matwali tumhari chaal hai,

Kahi gulabi thandi me to na ghum aayi,

Kyuki gaal tumhare bade laal hai..!

#


ठंडी है बाहर गुलाबी,

बाहर कैसे जायेंगे,

हम तो है शराबी,

शराब की बोतल लेने कैसे जायेंगे।


Thandi hai bahar gulabi,

Bahar kaise jayenge,

Hum to hai sharabi,

Sharab ki bottle lene kaise jayenge..!

#


Thand shayari 2 line


ठण्ड में गरम चाय पीने का मज़ा ही कुछ और है,

एक बार नहीं बार बार पीने का मज़ा ही कुछ और है।


Thand me garam chai peene ka maza hi kuch aur hai,

Ek baar nahi baar baar peene ka maza hi kuchh aur hai..!

#


तुम्हे देखते ही मैं पिघल गया,

तब पता चला कि तुम कितनी हॉट हो।


Tumhe dekhte hi mai pighal gaya,

Tab pata chala ki tum kitni hot ho..!

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गोरा होने के लिए क्रीम की जरुरत नही,

ठण्ड में रोज़ घुमो गोर हो ही जाओगे।


Gora hone ke liye cream ki jarurat nahi,

Thand me roz ghumo gore ho hi jaoge..!

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सर्दी की बारिश में स्वेटर पहनी हु,

गरम गरम पकोड़े मुझे भी देना,

मै तेरी बहना हु।


Sardi ki barish me sweater pehni hu,

Garam garam pakoda mujhe bhi dena,

Mai teri behna hu..!

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Shayari on thand


ठण्ड है तू है,

और क्या चाहिए मुझे जानेमन,

एक चाय ही पिला दे,

इस ठण्ड में बहुत दूर जाना है मेरी जानेमन।


Thand hai tu hai,

Aur kya chahiye mujhe janeman,

Ek chai hi pila de,

Iss thand me bahut dur jana hai meri janeman..!

#


जब भी ठण्ड लगती है मुझे,

मुझे सिर्फ तुम्हारा खयाल आता है,

शरीर पर जमा हुआ सारा बर्फ,

एक ही झटके में पिघल जाता है..!


Jab bhi thand lagti hai mujhe,

Mujhe sirf tumhara khayal aata hai,

Shareer par jma hua sara barf,

Ek hi jhatke me pighal jata hai..!

#


तुम गर्मी हो मेरी,

मै तुम्हारा ठण्ड हु,

आओ दोनों गले मिले,

ताकि इस कोहरे का अंत हो।


Tum garmi ho meri,

Mai tumhara thand hu,

Aao dono gale mile,

Taki iss kohre ka ant ho..!

#


ठंड में मैं सारा दिन,

बाहर घूमने चला जाता हूँ,

वापस घर आता हु,

और रजाई में घुस जाता हु।


Thand me mai sara din,

Bahar ghumne chala jata hu,

Wapas ghar aata hu,

Aur rajai me ghus jata hu..!

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Winter season shayari


ठंड का ये मौसम,

प्यारा है ये मौसम,

लकड़ियों को जलाकर,

हाथ सेकने का ये मौसम।


Thand ka ye mausam,

Pyara hai ye mausam,

Lakdiyon ko jalakar,

Hath sekne ka ye mausam..!

#


ठंड का मौसम है कुछ ऐसा,

लगता है मुझे बिलकुल मेरे जैसा,

लड़की दिखे तो पिघलता नहीं,

कितना भी जलाओ जलता नहीं।


Thand ka mausam hai kuch aisa,

Lagta hai mujhe bilkul mere jaisa,

Ladki dikhe to pighalta nahi,

Kitna bhi jalao jalta nahi..!

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बाहर कोहरा छाये,

तो बहुत डरती हो तुम,

अगर मैं किसी के साथ दीख जाऊ,

तो बहुत जलती हो तुम।


Bahar kohara chhaye,

To bahut darti ho tum,

Aagar mai kisi ke sath dikh jau,

To bahut jalti ho tum..!

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कोहरा कितना भी क्यों न छाये,

सामने से आती तुम मुझे दिख ही जाती हो,

तेरे इस हॉट हॉट हॉटनेस से,

कोहरे में भी रास्ता बनाते आती हो।


Kohra kitna bhi kyu na chhaye,

Samne se aati tum mujhe dikh hi jati ho,

Tere iss hot hot hotness se,

Kohre me bhi rasta banate aati ho..!

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कुछ आखरी शब्द :


आज जो हमने thand shayari in hindi पर लेख लिखा है, वो आपने पूरा पढ़ ही लिया होगा, अगर नही पढा तो जरूर पढ़कर हमे बताओ कि आपको इस ठंड शायरी का लेख कैसा लगा।


आशा करता हु की हमारा ये thand hindi shayari का लेख आपको जरूर अच्छा लगा होगा, अगर अच्छा लगा हो तो ऐसेही हिंदी शायरी यहाँ पढ़ते रहे।

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