Teachers Day Kavita In Hindi | शिक्षक दिवस पर बेहतरीन कविताएँ

teachers day kavita in hindi पर एक बेहतरीन लेख लिखा है, जिसमे शिक्षक दिवस पर लिखी गयी बहुत सारी कविताएँ आपको पढ़ने को मिल जाएगी, poem on teacher.

दोस्तो, आज हम आपके लिए teachers day kavita in hindi पर एक बेहतरीन लेख लिखा है, जिसमे शिक्षक दिवस पर लिखी गयी बहुत सारी कविताएँ आपको पढ़ने को मिल जाएगी, जिससे आप अपने विद्यालय में शिक्षक दिवस पर इसे पढ़ सकते है।


शिक्षक दिवस हर स्कूल में मनाया जाता है, शिक्षक दिवस पर विद्यार्थियों के साथ साथ स्कूल के हर शिक्षक भी बड़े उत्साहित रहते है, विद्यार्थी इसी दिन अपने स्कूल में शिक्षक बनकर जाते है, और अपने जूनियर क्लास को शिक्षा पढ़ाते है और स्कूल के शिक्षक इनका हौसला बढ़ाते है।


आज हमने जो शिक्षक दिवस की कविता लिखी है, आशा करता हु की वो आपको जरूर पसंद आनेवाली है, बस आपको इन कविताओं को पूरा पढ़ने की जरूरत है, जो आपको शिक्षक दिवस पर बहुत काम आनेवाली है।


Teachers Day Kavita In Hindi | शिक्षक दिवस पर बेहतरीन कविताएँ


Teachers Day Kavita In Hindi | शिक्षक दिवस पर बेहतरीन कविताएँ
Teacher's day kavita in hindi

Table of content


  1. Teachers day par kavita
  2. Teachers day kavita (poem) in hindi
  3. Hindi poem on teachers day
  4. Teachers day ke liye poem
  5. शिक्षक दिवस पर कविता


Teachers day par kavita


शिक्षक है तो स्कूल है यारो,

उनके बिना क्या स्कूल पढाई।


नहीं पढ़ेंगे आज हम तो,

अनपढ़ ही रह जाएंगे हम भाई।


पढ़ना है आज के लिए हम सबको,

कल तरक्की होगी अपनी और देश की सारी।


नहीं पढ़ेंगे आज हम तो,

शिक्षक कैसे बनेंगे सब भाई।


शिक्षक ही है सिखलाता हमको,

कैसे जीवन की चलाये अपने गाड़ी।


किसी किसी को ही है समझता,

शिक्षक की ये पढाई सारी।


शिक्षक जब सिखलाता है तुमको,

दुनिया की ये बातें सारी।


तब पता चलता है हम सबको,

दुनिया की ये बातें सारी।


शिक्षक है तो स्कूल है यारो,

उनके बिना क्या स्कूल पढाई।


नहीं पढ़ेंगे आज हम तो,

अनपढ़ ही रह जाएंगे हम भाई।



शिक्षक है तो स्कूल है कविता


Shikshak hai to school hai yaaro,

Unke bina kya school padhai..!


Nahi padhenge aaj hum to,

Anpadh hi rah jayenge hum bhai..!


Padhna hai aaj ke liye hum sabko,

Kal tarakki hogi apni aur desh ki sari..!


Nahi padhenge aaj hum to,

Shikshak kaise banenge sab bhai..!


Shikshak hi hai sikhlata humko,

Kaise jiwan ki chalaye apni gadi..!


Kisi kisi ko hi hai samjhta,

Shikshak ki ye padhai sari..!


Shikshak jab sikhlata hai tumko,

Duniya ki ye batein sari..!


Tab pata chalta hai hum sabko,

Duniya ki ye batein sari..!


Shikshak hai to school hai yaaro,

Unke bina kya school padhai..!


Nahi padhenge aaj hum to,

Anpadh hi rah jayenge hum bhai..!



Teachers day kavita (poem) in hindi


आज है टीचर्स डे का दिन,

हम सबका यह है प्यारा दिन..!


टीचर से छुटकारा पाने का दिन,

खुद टीचर बनने का दिन।


आज स्कूल हम टीचर बनके है जाते,

विद्यार्थियों को आज हम पाठ पढ़ाते..!


हमारे सब टीचर्स हमको देखते रह जाते,

गलत पढाने पर वो हमको है डांटे।


आज हमारी वो तारीफ़ कर जाते,

शिक्षक बनने पर हमको शाब्बाश कह जाते।


आगे बढ़ने का मंत्र हमे बताते,

उनकी शिक्षा का ज्ञान हम सबको है बताते।


स्कूल का है ये यादगार सा दिन,

भूल नहीं पाएंगे हम ये दिन।


आज है टीचर्स डे का दिन,

हम सबका यह है प्यारा दिन।


टीचर से छुटकारा पाने का दिन,

खुद टीचर बनने का दिन।



आज है टीचर बनने का दिन कविता


Aaj hai teachers day ka din,

Hum sabka yeh hai pyara din..!


Teacher se chhutkara pane ka din,

Khud teacher banne ka din..!


Aaj school hum teacher banke hai jate,

Vidyarthiyon ko aaj hum pathh padhate..!


Humare sab teachers humko dekhte rah jate,

Galat padhane par wo humko hai dante..!


Aaj humari wo tarif kar jate,

Shikshak banne par humko shabbash keh jate..!


Aage badhne ka mantra hume batate,

Unki shiksha ka gyan hum sabko hai batate..!


School ka hai ye yaadgar sa din,

Bhool nahi payenge hum ye din..!


Aaj hai teachers day ka din,

Hum sabka yeh hai pyara din..!


Teacher se chhutkara pane ka din,

Khud teacher banne ka din..!



Hindi poem on teachers day


शिक्षा लेनी है हम सबको,

लेकिन टीचर्स कहा से लाओगे।


गाँव में हम सब रहते है,

वहां स्कूल कैसे हम बनाएंगे।


पढ़ना तो है सभी को इस गाँव में,

लेकिन एक दूजे की मदद कैसे कर पाओगे।


खाली बैठना नहीं है तुमको,

लढ के तुम आज दिखलाओगे।


स्कूल नहीं तो शिक्षक नहीं है,

ये तुम सबको बतलाओगे।


आज ही कुछ करना है यारों,

एक शिक्षक तुम गाँव को दिलाओगे।


पूरा गाँव सोचेगा ऐसा तो,

बहुत शिक्षक तुम अपने गाँव को दिलाओगे।


हर गाँव का बच्चा होगा शिक्षित जब,

तुम अपने गाँव के स्कूल में शिक्षक बन जाओगे।


शिक्षा लेनी है हम सबको,

लेकिन टीचर्स कहा से लाओगे।


गाँव में हम सब रहते है,

वहां स्कूल कैसे हम बनाएंगे।



Poem on teachers in hindi


Shiksha leni hai hum sabko,

Lekin teachers kaha se laoge..!


Gaon me hum sab rehte hai,

Wahan school kaise hum banayenge..!


Padhna to hai sabhi ko iss gaon me,

Lekin ek duje ki madad kaise kar paoge..!


Khali baithna nahi hai tumko,

Ladh ke tum aaj dikhlaoge..!


School nahi to shikshak nahi hai,

Ye tum sabko batlaoge..!


Aaj hi kuchh karna hai Yaron,

Ek shikshak tum gaon ko dilaoge..!


Pura gaon sochega aisa to,

Bahut shikshak tum apne gaon ko dilaoge..!


Har gaon ka bachha hoga shikshit jab,

Tum apne gaon ke school me shikshak ban jaoge..!


Shiksha leni hai hum sabko,

Lekin teachers kaha se laoge..!


Gaon me hum sab rehte hai,

Wahan school kaise hum banayenge..!



Teachers day ke liye poem


सोचो पहले तुम गाँव में स्कूल कैसे लाओगे,

स्कूल नहीं गाँव में तो यारों तुम कैसे पढ़ पाओगे।


एक दिन ऐसा आएगा जब स्कूल गाँव में बन जायेगा,

गाँव का हर बच्चा बच्चा उस स्कूल में ही पढ़ पाएगा।


अमीर गरीब का भेद मिटा कर,

हर बच्चा समान अधिकार से जब पढ़ पाएगा।


उसी दिन अपना गाँव ये पूरा,

अपने हर अधिकार के लिए एकजुट हो पायेगा।


गाँव की एकजुटता देख कर,

हर शिक्षित अधिकारी गाँव के आगे झुक जायेगा।


शिक्षक है तो हम है यारों,

उनके बिना कैसे ज्ञान ले पाओगे।


सोचो पहले तुम गाँव में स्कूल कैसे लाओगे,

स्कूल नहीं गाँव में तो यारों तुम कैसे पढ़ पाओगे।



Teachers day hindi poem


Socho pahle tum gaon me school kaise laoge,

School nahi gaon me to yaron tum kaise padh paoge..!


Ek din aisa aayega jab school gaon me ban jayega,

Gaon ka har bachha bachha us school me hi padh payega..!


Amir garib ka bhed mita kar,

Har bachha samaan adhikar se jab padh payega..!


Usi din apna gaon ye pura,

Apne har adhikar ke liye ekjut ho payega..!


Gaon ki ekjutata dekh kar,

Har shikshit adhikari gaon ke aage jhuk jayega..!


Shikshak hai to hum hai Yaron,

Unke bina kaise gyan le payoge..!


Socho pahle tum gaon me school kaise laoge,

School nahi gaon me to yaron tum kaise padh paoge..!



शिक्षक दिवस पर कविता


आज है शिक्षक दिवस,

स्कूल को हम पूरा दिन चलने का दिवस।


आज नहीं दांत किसी की खानेका दिवस,

खुद शिक्षक बनने का दिवस।


अपने ही दोस्तों को पढ़ाने का दिवस,

अपने ही स्कूल में शिक्षक बनने का दिवस।


शिक्षक जैसे कपड़े पहनने का दिवस,

ब्लैक बोर्ड पर जूनियर को पढ़ाने का दिवस।


किसी का गुरु बनने का दिवस,

शिष्य के मिलने का दिवस।


खुद को प्रेरित करने का दिवस,

कुछ अच्छा सीखने का दिवस।


याद रखो सब यह दिवस,

आज है शिक्षक दिवस।


आज है शिक्षक दिवस,

स्कूल को हम पूरा दिन चलने का दिवस।



आज है शिक्षक दिवस कविता


Aaj hai shikshak diwas,

School ko hume pura din chalane ka diwas..!


Aaj nahi dant kisi ki khaneka diwas,

Khud shikshak banne ka diwas..!


Apne hi doston ko padhane ka diwas,

Apne hi school ne shikshak banne ka diwas..!


Shikshak jaise kapde pehanne ka diwas,

Black board par junior ko padhane ka diwas..!


Kisi ka guru banne ka diwas,

Shishya ke milne ka diwas..!


Khud ko prerit karne ka diwas,

Kuchh achha sikhne ka diwas..!


Yaad rakho sab yeh diwas,

Aaj hai shikshak diwas..!


Aaj hai shikshak diwas,

School ko hume pura din chalane ka diwas..!



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कुछ आखरी शब्द :


आज लिखी हुई  teachers day kavita in hindi आपने पूरी पढ़ ली हो तो आपको जरूर हमारे इस शिक्षक दिवस कविता से कुछ सीखने को मिला होगा, आपको किसी की तारीफ करनी हो तो फूलों की करे, क्योंकि फूल हमेशा ही सुंदर थे और रहेंगे।


आशा करता हु की हमारी kavita on teachers in hindi आपको जरूर अच्छी लगी होगी। अगर अच्छी लगी हो तो ऐसेही हिंदी कविता यहाँ पढ़ते रहे।

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