Shaheed Diwas Par Shayari In Hindi | 23 मार्च शहीद दिवस शायरी

आज हमने shaheed diwas shayari hindi का लेख लिखा है, ये लेख पढ़कर आपको आपके देश के लिए कुछ भी कर जाने का दिल कर सकता है, हम सब भारतीय 23 मार्च को शहीद

दोस्तो, आज हमने shaheed diwas shayari hindi का लेख लिखा है, ये लेख पढ़कर आपको आपके देश के लिए कुछ भी कर जाने का दिल कर सकता है, हम सब भारतीय 23 मार्च को शहीद दिवस के तौर पर इस दिवस को मनाते है, क्योंकि 23 मार्च 1931 को अंग्रेजोने हमारे देश के तीन वीर भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु इन वीरों को फांसी पर लटकाया था, इसीलिए इस दिन को हम शहीद दिवस के तौर पर उन्हें नमन करते है।


हमारे देश को आज़ाद करने में इन तीन वीरों ने बहुत ही बड़ा बलिदान दिया है, हम इन भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु वीरों को कभी भूल नही पाएंगे, इनको सभी देशवासियों की तरफ से आज शहीद दिवस पर शत शत नमन करता हु।


इस shaheed diwas par shayari in hindi के लेख में जो शायरियां लिखी है, उसे पूरा पढ़िए, देश के लिए कुछ करके दिखाइए, हमारा प्यार भारत देश जय हिंद।


Shaheed Diwas Par Shayari In Hindi | 23 मार्च शहीद दिवस शायरी


Shaheed Diwas Par Shayari In Hindi | 23 मार्च शहीद दिवस शायरी
Shaheed diwas par shayari 

Table of content


  1. Shaheed diwas shayari hindi
  2. Shahid diwas 23 march shayari in hindi
  3. शहीद जवान शायरी इन हिंदी
  4. Martyrs day shayari in hindi
  5. शहीद दिवस की शायरी



Shaheed diwas shayari hindi


देते रहे वो इंकलाब के नारे,

वो सिर्फ तीन ही शेर थे,

लटका दिया जिन्हें फांसी पर,

वह भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु हमारे भारत देश के वीर थे।


Dete rahe wo inqilab ke nare,

Wo sirf teen hi sher the,

Latka diya jinhen fasi par,

Woh bhagat singh, sukhdeo, rajguru hamare bharat desh ke veer the..!

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डरते नहीं थे वो किसीसे,

भारत के वीर जवान जो थे,

आओ चलो मनाते है हम,

शहीद दिवस इन तीन वीरों के नाम से।


Darte nahi the wo kisise,

Bharat ke veer jawan jo the,

Aao chalo manate hai hum,

Shaheed diwas in teen viron ke naam se..!

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मनाते है हम 23 मार्च,

इन तीनों वीरों के नाम से,

इसीलिए इस दिवस को बोला जाता है,

शहीद दिवस इस नाम से।


Manate hai hum 23 march,

In teenon veeron ke naam se,

Isiliye iss diwas ko bola jata hai,

Shaheed diwas is nam se..!

#


दे दिया है बलिदान तुमने,

इस भारत धरती को आज़ाद करने के लिए,

सलाम करते है हम आप तीनों वीरों को,

अंतरात्मा की गहराई से।


De diya hai balidan tumne,

Iss bharat dharti ko azad karne ke liye,

Salam karte hai hum aap teenon veeron ko,

Antaratma ki gehrai se..!

#



Shahid diwas 23 march shayari in hindi


फांसी पर लटक गए तुम वीरों,

देश की सेवा करते करते,

अंग्रेजो से लड़ते लड़ते,

नमन हम सब आपको है करते।


Fansi par latak gaye tum veeron,

Desh ki sewa karte karte,

Angrejo se ladte ladte,

Naman hum sab aapko hai karte..!

#


तुम ऐसे वीर जवान थे,

जिसे डरते थे अंग्रेज,

एक ही धमाका कर डाला तुमने,

ले गयी जेल तुम्हे अंग्रेज।


Tum aise veer jawan the,

Jise darte the angrej,

Ek hi dhamaka kar dala tumne,

Le gayi jail tumhe angrej..!

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इतने डर गए थे वो अंग्रेज,

की जेल में रखा था तीनो को,

फांसी भी दे दी हमारे वीरों को,

बिना बताये हमारे देश वासियों को।


Itne dar gaye the wo angrej,

Ki jail me rakha tha teeno ko,

Fansi bhi de di hamare veeron ko,

Bina bataye hamare desh vasiyon ko..!

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हिल गया था पूरा अंग्रेज साम्राज्य,

सिर्फ तुम तीन भारत के वीरों से,

घबरा गयी थी अंग्रेजों की सेना,

शायद तुम्हे देख वो भाग गयी थी।


Heel gaya tha pura angrej samrajya,

Sirf tum teen bharat ke veero se,

Ghabra gayi thi agrejon ki sena,

Shayad tumhe dekh wo bhag gayi thi..!

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शहीद जवान शायरी इन हिंदी


मैं एक भारत देश का जवान हूँ,

किसी को देश की तरफ आंखें उठाने नहीं दूंगा,

मैदान में लड़ते लड़ते मर जाऊंगा,

देश के लिए हसते हसते शहीद हो जाऊंगा।


Mai ek bharat desh ka jawan hu,

Kisi ko desh ki taraf ankhein uthane nahi dunga,

Maidan me ladte ladte mar jaunga,

Desh ke liye haste haste shaheed ho jaunga..!

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भारत की ये मिटटी मेरी माँ है,

इसका क़र्ज़ मैं कैसे चुकाऊँ,

अगर इस माँ के लिए मर भी मै जाऊ,

फिर भी इसका क़र्ज़ न चूका पाऊ।


Bharat ki ye mitti meri maa hai,

Iska karz mai kaise chukau,

Agar iss maa ke liye mar bhi mai jau,

Phir bhi iska karz na chuka pau..!

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जन्मा हूं मै तो सिर्फ मेरे देश के लिए,

किसी का खयाल नहीं आता अब मुझे,

जीना भी देश के लिए,

मरना भी देश के लिए।


Janma hu mai to sirf mere desh ke liye,

Kisi ka khayal nahi aata ab mujhe,

Jeena bhi desh ke liye,

Marna bhi desh ke liye..!

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मेरी भारत धरती माँ,

मैं तुझमे समाना चाहता हु,

मेरे खून का एक एक कतरा,

बस तेरे लिए बहाना चाहता हु।


Meri bharat dharti maa,

Mai tujhme samana chahta hu,

Mere khoon ka ek ek katra,

Bas tere liye bahana chahta hu..!

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Martyrs day shayari in hindi


देश के लिए खून बहाके,

वो देश को आज़ाद कर गया,

याद रखो ऐसे वीरों को,

जो देश के लिए शहीद हो गया।


Desh ke liye khoon bahake,

Wo desh ko azad kar gaya,

Yaad rakho aise veero ko,

Jo desh ke liye shaheed ho gaya..!

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सब रखते सिर्फ आज उन वीरों को याद,

कल भूल जाते है सब उन वीरों को,

याद रखो रोज उन वीरों को,

जो शहीद हुए है हमारे देश के लिए।


Sab rakhte sirf aaj un veeron ko yaad,

Kal bhul jate hai sab un veeron ko,

Yaad rakho roj un veeron ko,

Jo shaheed huye hai hamare desh ke liye..!

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भारत के वीर जवान ऐसे होते है,

जो सीने पे गोली खाना पसंद करते है,

कितने जिगरबाज होते है ये,

उनको हम दिल से प्रणाम करते है।


Bharat ke veer jawan aise hote hai,

Jo seene pe goli khana pasand karte hai,

Kitne jigarbaaz hote hai ye,

Unko hum dil se pranam karte hai..!

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निकले थे वो तीन वीर जो,

भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु कहलाते है,

नाक में दम कर दिया अंग्रेज़ो के,

यही वो शहीद भारत के जवान थे।


Nikle the wo teen veer jo,

Bhagat singh, sukhdeo, rajguru kehlate hai,

Nak me dam kar diya angrejo ke,

Yahi wo shaheed bharat ke jawan the..!

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शहीद दिवस की शायरी


कभी दिल से उस तिरंगे को देखो,

उस तिरंगे में भी जान है,

तिरंगे के लिए बहता लहू जवानो का,

उस तिरंगे के लिए हम मरने के लिए तैयार है।


Kabhi dil se us tirange ko dekho,

Us tirange me bhi jaan hai,

Tirange ke liye behta lahu jawano ka,

Us tirange ke liye hum marne ke liye taiyar hai..!

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मर जायेंगे हम मिट जायेंगे,

देश के तिरंगे को गिरने न देंगे,

अगर मर भी जाये देश के लिए हम,

मरके भी हिफाज़त देश की जरूर करेंगे।


Mar jayenge hum mit jayenge,

Desh ke tirange ko girne na denge,

Agar mar bhi jaye desh ke liye hum,

Marke bhi hifazat desh ki jarur karenge..!

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एक ही ख्वाब था मेरा,

मैं लिपट कर तिरंगे में घर आऊ,

मैं अपने प्यारे देश के लिए,

कुछ कर जाऊ शहीद हो जाऊ।


Ek hi khwab tha mera,

Mai lipat kar tirange me ghar aau,

Mai apne pyare desh ke liye,

Kuch kar jau shaheed ho jau..!

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देश में मेरे हर मज़हब रहता है,

फिर भी एक साथ रहता है,

मेरा मज़हब सिर्फ एक है यारों,

हिंदुस्तान ही मेरा मज़हब है यारों।


Desh me mere har mazhab rehta hai,

Phir bhi ek sath rehta hai,

Mera mazhab sirf ek hai yaaron,

Hindustan hi mera mazhab hai yaaron..!

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कुछ आखरी शब्द :


आज जो हमने shaheed diwas shayari hindi पर लेख लिखा है, वो आपने पूरा पढ़ ही लिया होगा, अगर नही पढा तो जरूर पढ़कर हमे बताओ कि आपको इस 23 मार्च शहीद दिवस शायरी का लेख कैसा लगा, क्या आपको अपने देश के जवानों के प्रति सम्मान बढा, अगर आपको जवानों के प्रति प्यार है, तो आप भी उनके लिए देश के लिए कुछ जरूर करे।


आशा करता हु की हमारा ये Martyrs day par shayari का लेख आपको जरूर अच्छा लगा होगा, अगर अच्छा लगा हो तो ऐसेही हिंदी शायरी यहाँ पढ़ते रहे।

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