हक पर शायरी | हक की लड़ाई पर शायरी | हक की आवाज़ शायरी हिंदी में

आज का लेख हक पर शायरी के नाम हमने लिखा है, जो आपको कुछ हक़ की लड़ाई शायरी में आपको देखने को मिलेगा, जोकि हमने आज आपके लिए लिखा है,

दोस्तो, आज का लेख हक पर शायरी के नाम हमने लिखा है, जो आपको कुछ हक़ की लड़ाई शायरी में आपको देखने को मिलेगा, जोकि हमने आज आपके लिए लिखा है, और इतना प्यारा लेख हमने लिखा है कि, आपको कही जाने की कोई जरूरत ही नही है, उम्मीद करते है कि, ये लेख आपको जरूर पसंद आएगा।


अकसर ये होता है कि, हम किसी से प्यार करते है, बड़ी शिद्दत से और वो हमें छोड जाता है, आधे रास्ते मे और हम कुछ नही कर पाते, क्योंकी वो उसका हक है, लेकिन सवाल तो ये है कि, अगर जाना होता है छोड़के हमे तो प्यार ही क्यों करते है लोग, और अगर प्यार करना है तो उसे निभाने की ताकत क्यो नही रखते है लोग।


हक़ सभी को दिया है हमारे देश मे लेकिन बिन बताए कभी चले न जाना किसीको छोड़कर क्योंकि उनका भी हक़ बनता आप पर प्यार करते है वो भी आपको तो थोड़ा समझदारी से फैसले लिया करो, क्योकि अगला व्यक्ति कुछ भी कर सकता है, और रही प्यार की बात तो, किसीको हक़ नही है कि, अपने प्यार को ठुकरा के चले जाओ, वो चाहे बिन बताए हो या आपने बताने के बाद भी, क्योंकि प्यार किया है तो हक़ भी उनका आप पर इसीलिए ये हक़ पर शायरी इन हिंदी हमने आज लिखी है, इसे पूरा पढ़के ही जाना।



हक पर शायरी | हक की लड़ाई पर शायरी


हक पर शायरी | हक की लड़ाई पर शायरी | हक की आवाज़ शायरी हिंदी में
Haq par shayari hindi me image

Table of content


  1. हक रोमांटिक शायरी
  2. अपना हक शायरी
  3. हक पर शायरी हिंदी 2 लाइन
  4.  हक के लिए शायरी
  5. हक़ और सच शायरी



हक रोमांटिक शायरी


कुछ लोग होते है,

जो हक़ तो जताते है,

प्यार करते है बोलके,

बाद में धोका देके चले जाते है।


Kuch log hote hai,

Jo haq to jatate hai,

Pyar karte hai bolke,

Baad me dhoka deke chale jate hai..!

#


मेरा हक़ है तुझ पे,

तुझसे सच्चा प्यार जो करता हु मै,

मेरे प्यार को कम मत समझना तुम,

मेरा प्यार सब्र करने की नसीहत देता है।


Mera haq hai tujh pe,

Tujhse sacha pyar jo karta hu mai,

Mere pyar ko kam mat samjhna tum,

Mera pyar sabr karne ki nasihat deta hai.!

#


अपने प्यार पे हक़ जताना अच्छा है,

लेकिन हक़ हदसे ज्यादा न हो,

रिश्ते बड़े नाजुक होते है,

क्या पता कब टूट जाये।


Apne pyar pe haq jatana achha hai,

Lekin haq hadse jyada na ho,

Rishte bade najuk hote hai,

Kya pata kab tut jaye..!

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तुम हमसे तो प्यार करती हो,

फिर हम पे हक़ क्यों नहीं जताती हो,

क्या दूर चले जायेंगे हम,

अगर तुम ये सोचती हो,

तो फिर तुम पक्का हमसे बेइंतेहा प्यार करती हो।


Tum humse to pyar karti ho,

Phir hum pe haq kyu nahi katati ho,

Kya dur chale jayenge hum,

Agar tum ye sochti ho,

To phir tum pakka humse beinteha pyar karti ho..!

#


हक़ तो तुम्हे बोलने का है मुझे,

प्यार जो करती है तू मुझ पर,

बस छोड़ जाने का ख़याल,

दिल में मत लाना कभी।


Haq to tumhe bolne ka hai mujhe,

Pyar jo karti hai tu mujh par,

Bas chod jane ka khayal,

Dil me mat lana kabhi..!

#


अगर आप प्यार करते हो सच्चा उनसे,

तो ही आजमाया करो उन्हें,

कभी कभी किसी को ज्यादा प्यार का हक देकर,

खुद ही बदनाम हो सकते है।


Agar aap pyar karte ho sachaa unse,

To hi ajmaya karo unhe,

Kabhi kabhi kisi ko jyada pyar ka haq dekar,

Khud hi badnam ho sakte hai..!

#



अपना हक शायरी


अगर प्यार करने का,

हक देते हो तुम मुझे,

तो तुम्हे तुम्हारी गलती,

बताने का हक़ भी दिया करो।


Agar pyar karne ka,

Haq dete ho tum mujhe,

To tumhe tumhari galti,

Batane ka haq bhi diya karo..!

#


कुछ बातें होती है,

जो तुम्हे बता नहीं सकते हम,

कुछ बातें दिल में छुपी है मैंने,

जिसपर सिर्फ मेरा हक़ है।


Kuch batein hoti hai,

Jo tumhe bata nahi sakte hum,

Kuch baatein dil me chupai hai maine,

Jispar sirf mera haq hai..!

#


अगर मुझसे नाराज़ हो तुम,

तो बताते भी जाओ मुझे,

सिर्फ प्यार करने से,

कुछ नहीं होता।


Agar mujhse naraz ho tum,

To batate bhi jao mujhe,

Sirf pyar karne se,

Kuch nahi hota..!

#


कुछ बातें होती है,

जो तुम्हे बता नहीं सकते हम,

कुछ बातें दिल में छुपाई है मैंने,

जिसपर सिर्फ मेरा हक़ है।


Kuch batein hoti hai,

Jo tumhe bata nahi sakte hum,

Kuch baatein dil me chupai hai maine,

Jispar sirf mera haq hai..!

#


तुझे पाना है मुझे,

किसी भी हाल में,

क्युकी तुझपर सिर्फ,

मेरा हक़ है।


Tujhe pana hai mujhe,

Kisi bhi haal me,

Kyuki tujhpar sirf,

Mera haq hai..!

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हक पर शायरी हिंदी 2 लाइन


मेरे प्यार पे तुझे शक था,

मुझपे शक करना तेरा हक़ था।


Mere pyar pe tujhe shak tha,

Mujhpe shak karna tera haq tha..!

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जरा अपना खूबसूरत चेहरा तो दिखाओ,

क्या चाँद को देखने का मुझे हक नहीं।


Jara apna khubsurat chehra to dikhao,

Kya chand ko dekhne ka mujhe haq nahi..!

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मेरे दिल के दरवाज़े पर दस्तक जो दी तूने,

अब मेरा भी हक़ बनता है की मै तुझे दिल अपने दिल में कैद करलु।


Mere dil ke darwaze par dastak jo di tune,

Ab mera bhi haq banta hai ki mai tujhe dil apne dil me kaid karlu..!

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तेरे बिछड़ जाने के बाद ग़म में डूबा रहता हु मै,

क्या अपना ग़म तेरे साथ बाँट सकता हु।


Tere bichad jane ke baad gham me duba rehta hu mai,

Kya apna gham tere sath bant sakta hu..!

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ज़िन्दगी एक नशा है,

हक़ है आपको इसे जीने का।


Zindagi ek nasha hai,

Haq hai aapko ise jeene ka..!

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 हक के लिए शायरी


लड़ना पड़े तो लड़ जाओ,

झगड़ना पड़े तो झगड़ जाओ,

हक़ है आपका, 

अपना अधिकार पाने का।


Ladna pade to lad jao,

Jhagdna pade to jhagad jao,

Haq hai apka, 

Apna adhikar pana ka..!

#


तुझे रोज याद करता हु,

मैं सिर्फ तुझपे ही मरता हु,

मैं सिर्फ तुझे चाहता रहु,

क्यों की मुझे हक़ है।


Tujhe roj yaad karta hu,

Mai sirf tujhpe hi marta hu,

Mai sirf tujhe chahta rahu,

Kyon Ki mujhe haq hai..!

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तेरे प्यार को पाने के लिए,

मैं उम्र भर भी इंतज़ार करूँगा,

इस जनम में तुझपे,

सिर्फ मेरा हक़ है।


Tere pyar ko pane ke liye,

Mai umra bhar bhi intezar karunga,

Iss janam me tujhpe,

Sirf mera haq hai..!

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तुझसे प्यार किया है हमने,

ये भूल कैसे जाऊ मै,

मेरा हक़ तुझपर,

प्यार करने का है बहुत।


Tujhse pyar kiya hai humne,

Ye bhul kaise jau mai,

Mera haq tujhpar,

Pyar karne ka hai bahut..!

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अगर प्यार करने का हक़ है तुम्हे,

तो मुझसे दूर जाने का भी है,

हमने कब रोका तुम्हे,

हमसे दूर जाने से।


Agar pyar karne ka haq hai tumhe,

To mujhse dur jane ka bhi hai,

Humne kab roka tumhe,

Humse dur jane se..!

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हक़ और सच शायरी


किसी अजनबी पर हमारा हक़ नहीं होता,

वो सिर्फ अपने प्यार पर होता है,

अगर वो भी न करते हो तुम,

तो आपका प्यार का रिश्ता जरूर टूटता है।


Kisi ajnabi par hamara haq nahi hota,

Wo sirf apne pyar par hota hai,

Agar wo bhi na karte ho tum,

To apka pyar ka rishta jarur tutta hai..!

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जो बात तुमने बतानी थी,

वो किसी और से सुनके आ रहे है हम,

क्या इतना भी हक नहीं तुम्हे,

की वो बात तुमने मुझे बताने का।


Jo baat tumne batani thi,

Wo kisi aur se sunke aa rahe hai hum,

Kya itna bhi haq nahi tumhe,

Ki wo baat tumne mujhe batane ka..!

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सच तो यही है,

की बस तुम्हारा ही मुझ पर हक़ है,

मुझे पता है की तुम्हे,

मुझपर जरुर शक है।


Sach to yahi hai,

Ki bas tumhara hi mujh par haq hai,

Mujhe pata hai ki tumhe,

Mujhpar jarur shak hai..!

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कुछ वक़्त के लिए हमारे प्यार बने रहे,

हमसे बेपनाह इश्क़ लड़ाते रहे,

जब मैंने आप पर हक जताना चाहा,

तो दो पल में ही हमें अकेला छोड़ गए।


Kuch waqt ke liye hamare pyar bane rahe,

Humse bepanah ishq ladate rahe,

Jab maine aap par haq jatana chaha,

To do pal me hi hume akela chhod gaye..!

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किसी की याद आज भी करता हु मै,

किसी से प्यार आज भी करता हु मै,

क्या हो गया वो हमसे दूर है,

लेकिन ये मजनु हक़ से उन्हें दिल से चाहता है।


Kisi ki yaad aaj bhi karta hu mai,

Kisi se pyar aaj bhi karta hu mai,

Kya ho gaya wo humse dur hai,

Lekin ye majnu haq se unhe dil se chahta hai..!

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कुछ आखरी शब्द :


आज जो हमने haq par shayari पर लेख लिखा है, वो आपने पूरा पढ़ ही लिया होगा, अगर नही पढा तो जरूर पढ़कर हमे बताओ कि आपको इस हक़ रोमांटिक शायरी का लेख कैसा लगा, क्या आपको भी किसी से प्यार है, जिसपर आप अपना हक जताते है।


आशा करता हु की हमारा ये हक़ पर शायरी रेख्ता का लेख आपको जरूर अच्छा लगा होगा, अगर अच्छा लगा हो तो ऐसेही हिंदी शायरी यहाँ पढ़ते रहे।

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