नमस्कार दोस्तों, आज हमने आपके लिए hindi funny story लिखी है। जो की आपको ज़रूर पसंद आएगी इस कहानी में hindi funny story with moral भी है। इस स्टोरी से आपको मजा तो आएगा ही कुछ सीखने को भी मिलेगा। 

ये hindi funny story एक छोटे से गाँव के दो जिगरी दोस्त की है। जो हमेशा एक दूसरे का साथ निभाते है। किसी भी संकट में वो साथ रहते है। और बहादुरी से अपने गाँव के बच्चों को बचाते है। 

कैसे दोनों अपने गाँव को बचाते है ये तो आपको स्टोरी पढ़ने से पता चल ही जायेगा। तो आओ पढ़ते है टीको और मीको की बहादुरी का गाँव वाला किस्सा ये मजेदार हिंदी स्टोरी..

टीको और मीको की बहादुरी का गाँव वाला किस्सा|Hindi Funny Story


टीको-मीको की बहादुरी का गाँव वाला किस्सा Hindi Funny Story
Hindi funny story image

उस ओए-होए गांव में मीको और टीको नाम के दो जिगरी दोस्त रहते थे और हमेशा एक साथ रहते थे एक साथ खेलते थे और स्कूल भी एक साथ जाया करते थे। उन दोनों का घर पास पास ही था तो दोनों एक दूसरे को अपने घर से ही आवाज़ दिया करते और खेलने चले जाते। गांव के पास ही एक छोटा सा मैदान था। वह वो दोनों अपने कुछ दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलते थे और उस मैदान के पास एक बड़ा जंगल भी था।

तब एक दिन मीको और टीको दोनों शाम को स्कूल से आने के बाद मैदान में खेलने गए और वह दोस्तों के साथ फुटबॉल खेलने लगे। तभी मीको फुटबॉल को जोर से किक मारता है और जोर से गिरता है तब सभी मीको पर हसने लगते है और मीको खुद भी जोर से हसने लगता है।

लेकिन मीका ने मारी हुई फुटबॉल उस घने जंगल में जाती है और गुम हो जाती है। तभी टीको और उसके सभी दोस्त गुम हुई फुटबॉल देखने के लिए जंगल में जाते है लेकिन उस जंगल में बहुत अंधेरा होता है इसीलिए सभी डर के मारे उस जंगल में नहीं जाते है और वो सब घर वापस लौट आते है। लेकिन तभी...

मीको टीको से कहता है - टीको क्या हम दोनों उस जंगल में जाये?

इसपर टीको बोलता है - हां मुझे भी ऐसा ही लगता है हमें उस जंगल में फुटबॉल ढ़ूँढ़ने जाना चाहिए..

तभी शाम को 6 बजे मीको और टीको उस जंगल की और निकल पड़ते है और वो दोनों वह पहुँच जाते है। वो दोनों जंगल के इर्द गिर्द देखते है तो उन्हें वह कोई दिखाई नहीं देता एकदम सुनसान लगता है।

बड़ी हिम्मत कर के दोनों उस घने पेडवाले जंगल में प्रवेश करते है। वह दोनों थोड़ा और अंदर जाते है लेकिन उन्हें फुटबॉल वह नहीं दिखाई देती तो वो दोनों जंगल के अंदर दूर तक चले जाते है।

तभी टीको मीको से कहता है - अरे मीको यहाँ तो फुटबॉल नहीं मिल रही है और हम काफी अंदर तक आ गये है जंगल के..

उसपर मीको बोलता है - हां यार हम काफी अंदर आ गए है जंगल के हमे अभी वापस चले जाना चाहिए।

तभी टीको मीको को एक डरावनी सी आवाज़ आती है। हाहाहाआआआआआआ ह्ईईईईईईईईईईईईईईईई ऊऊऊऊऊऊऊऊ कुचुम्म्म् कचुमम्म्म चिककोलो चिकलल्ला तो वह डर जाते है लेकिन मीको और टीको को लगता है की हमे पता लगाना चाहिए की यहाँ कौन है ? लेकिन उस रात बहुत देर हो जाती है और दोनों घर की और निकल आते है।

तभी सवेरे सवेरे ओए-होए गाँव के 4 बच्चे अचानक ग़ायब हो जाते है और गांव में हड़कंप मच जाता है लोग उन चार बच्चों को पूरे गांव में ढूंढते है लेकिन कही पर भी वो चार बच्चे नहीं मिलते है।

तभी टीको मीको से कहता है - कौन लेके गया होगा उन चारों को ? आज तक गांव में ऐसा कभी नहीं हुआ।

इसपर मीको बोलता है - हां तू सच कह रहा है आज तक गांव में ऐसा कभी नहीं हुआ इसका पता ज़रूर लगाना चाहिए वो चारों हमारे दोस्त थे।

ऐसा कह कर दोनों सोच विचार में डूब गए और सो गए दूसरे दिन और चार बच्चे अचानक ग़ायब हो गए और गाँव में हलचल मच गयी गाँव वाले अब डरने लगे और सभी घर में ही बैठे रहते।

तभी मीको टीको से - हमें कुछ न कुछ करना ही पड़ेगा..

टीको मीको से - क्यों न हम रात को जागने का प्लान बनाये और देखे की कौन है वो चोर ?

मीको को टीको की बात सही लगी वो दोनों उस रात जागने लगे और घर के छत पे आकर बैठ गए।

तभी एक एक चादर ओढ़ के तीन लोग आये और कुछ बच्चे को उठा के ले गए मीको और टीको ने लोगों को जोर से आवाज़ दी लेकिन लोग डर के मारे अपने घर पर ही छुप के बैठे थे।

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सुबह होते ही और वही बात फिर एक आदमी ने गाँव के लोगों को बताया कि गाँव में भूत आ गया है और वो बच्चों को उठा के लेके जाता है। ये खबर आग की तरह गाँव में फैल गयी।

एक दिन टीको मीको और उनके दोस्त मैदान में फुटबॉल खेल रहे थे तभी टीको को कुछ पैरों के निशान दिखते है और वह सीधे जंगल की दिशा की और जाते है तभी

टीको मीको से कहता है  की ये देखो उस रात हमने उन चोरों को इसी जंगल की ओर आते हुए देखा था उनके पैरों के निशान।

मीको टीको से - चलो आज तो हम पता लगा के ही दम लेंगे ।

तब उस वक़्त शाम होती है और मीको और टीको दोनों जंगल में अकेले ही जाते है वो उस पैरों के निशान देख के जाते है। वह निशान कुछ देर बाद दिखना बंद हो जाता है क्योंकि अंधेरा बहुत बढ़ जाता है जंगल में उस वक़्त तो वो दोनों चलते ही जाते है तो उन्हें एक बड़ा सा पेड़ दीखता है तो वो आपस में कहते है।

मीको टीको से - टीको यार मैंने इतना बड़ा पेड़ कभी देखा ही नहीं रे..

टीको मीको से - तो अब देख ले अब तो देखा न तेरे पापा को ज़रूर बताना कि मैंने बड़ा पेड़ देखा है। वैसे पास में जाके देखेंगे तो ज्यादा मजा आयेगा तो चल..

वो दोनों पेड़ के पास जाते है तो देखते है की वो पेड़ बहुत विशाल होता है उस पेड़ की जड़ें मोटी और विशाल होती है उसकी डलिया बहुत बड़ी होती है।

तभी एक बच्चे की रोने की आवाज़ आती है तभी टीको मीको से कहता है यह बच्चे की रोने की आवाज़ इस जंगल में क्या कर रही है यहाँ से चलो जरा देखते है।

तब दोनों उस पेड़ के इर्द गिर्द देखते है तो उन्हें एक बड़ा सा गड्ढा दीखता है और वह से अंदर जाने का रास्ता भी होता है।

वो दोनों उस बड़े गड्ढे के पास जाते है और अंदर झांक के देखते है तो अंदर का नज़ारा देख दोनों हक्का बक्का हो जाते है। उन्हें अंदर बहुत सारे बच्चे दिखाई देते है उन्हें उनके गाँव के अलावा दूसरे गाँव के बच्चे भी वह दिखाई देते है। और उनके साथ वो पांच चोर भी।

टीको मीको से - क्यों न इन चोरों को हम मज़ा चखाए ।

तब मीको कहता है - पहले पूरे गाँव वालों को बुलाते है उसके बाद हम उन्हें मिल के मज़ा चखा सकते है।

फिर दोनों गांव वालों को बुलाते है और सभी के हाथ में डंडा और जो हाथ में मिला वह लेके आते है और जंगल में उस पेड़ के पास उसी बड़े गड्ढे के पास जाते है। और उस पेड़ को घेर लेते है और मीको और टीको उस बड़े गड्ढे के अंदर एक छोटा पत्थर फेंकते है।

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उस पत्थर की आवाज़ गड्ढे में आती है और वो पांच चोरों में से 2 चोर उस पत्थर की आवाज़ सुनते ही गड्ढे के बाहर कौन है करते हुए बाहर आते है और इधर उधर देखते है। लेकिन उन्हें कोई नहीं दीखता लेकिन जैसे ही वो दो चोर गड्ढे में फिर से वापस जाने के लिए मुड़ते हैं तो उन्हें लोग पकड़ते है और उन्हें पेड़ को बांध के खूब मारते है। 

चोरों की पतलून ढीली हो जाती है। पहले दो चोर वापस गड्ढे में न आने से और दो चोर उन्हें ढूंढते हुए वह भी बाहर आते है तो उन्हें भी लोग पकड़ के पेड़ से बांध के रखते है और उन पे भी लाठी और डंडे बरसाते है।

तभी मीको शहर के पुलिस स्टेशन में कॉल करता है और उन्हें सभी बात बता कर उन्हें गाँव आने को कहते है।
तभी पुलिस गाँव में आती है और उन चोरों को पकड़ती है। लेकिन एक चोर जो गड्ढे में रहता है वो अचानक वह से ग़ायब हो जाता है। वो वह दीखता ही नहीं तभी पुलिस उस गड्ढे की गुफा में जाती है और उसे ढूंढ़ती है लेकिन वो कही मिलता ही नहीं।

पुलिस गड्ढे में फंसे सभी बच्चों को बाहर निकालती है और उस एक चोर को ढूंढती है। लेकिन वह चोर मिलता ही नहीं..अब सब वापस जाने ही वाले होते है तो एक आवाज़ आती है वो भी एक कुत्ते की जो उस एक चोर को देख के उस पर भोंकता है। और वो चोर डर के मारे पुलिस के पास आता है और मुझे पकड़ लो सर नहीं तो ये कुत्ता मुझे खा जायेगा ऐसे बोल के खुद ही अपनी गलती मानता है। 

फिर पुलिस वाले सभी पांच चोरों को पकड़ के पुलिस थाने ले जाती है। और बहुत धोती है उन चोरों के आवाज़ से पूरा पुलिस स्टेशन हसता है।

अगले दिन पुलिस ओए-होए गाँव में आती है। और पूरे गाँव के सामने मीको और टीको को अपनी बहादुरी से उन पांच चोरों को पकड़ने के लिए और सभी गाँव के बच्चों को छुड़ाने के लिए टीको और मीको को सम्मानित करते है और पुरस्कार देते है।


तो इस कहानी से हम क्या सीखते है


कहानी से हम ये सीखते है की कभी भी किसी के साथ कोई मुसीबत आये तो उसे बहादुरी के साथ हल करना चाहिए और डट कर लड़ना चाहिए और सभी की मदद ज़रूर करना चाहिए। इससे आप एक अच्छे इंसान तो बनोगे ही लेकिन अपने खुद के नज़रों में आप खुद को बड़ा मेहसुस भी करोगे। और ये अभी के लिए अच्छा भी है और एक बात हमेशा किसी को कोई भी मुसीबत आये तो उसकी मदद ज़रूर करे। जैसे मीको और टीको ने अपने गाँव के बच्चों को बचाने में की।

तो आपने इस hindi funny story से कुछ तो ज़रूर सीखा होगा। तो आप भी टीको और मीको की तरह लोगों की मदद ज़रूर करे। जब भी आपको मौका मिले तब और दोस्ती की मिसाल तो आपको पता ही है जैसी टीको और मीको की दोस्ती ने कमाल किया।

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